सेमरियावां। खेतों की उर्वरा शक्ति परखने के लिए मिट्टी की जांच कराना जरूरी है। इस जांच से खेतों में मिट्टी को किस तत्व की जरूरत होती है उसका पता चल जाता है। किसान जांच रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग ने सेमरियावां ब्लाॅक के 20 गांव के 200 खेतों से मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायतों में 183 राजस्व गांव हैं। अधिक पैदावार के लिए किसान विभिन्न प्रकार के रसायनिक खाद व कीटनाशक का प्रयोग करते हैं। वर्तमान समय में अधिक उत्पादन के चक्कर में किसान उर्वरकों का अंधाधुंध प्रयोग कर रहे हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति क्षीण होते जा रही है। मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रहे इसके लिए कृषि विभाग मिट्टी की जांच कराता है।
चालू वित्तीय वर्ष में सेमरियावां ब्लाक के बाघनगर, कोइलसा, सेहुड़ा, भाटापारा, बुढ़ाननगर, पुरवां समेत 20 गांवों से 200 मिट्टी के नमूने लेने का लक्ष्य विभाग को शासन स्तर से मिला है। इस कार्य को पूरा करने के लिए कर्मचारियों को लगाया गया है। इसमें कृषि सखियां भी शामिल की गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पौध के विकास के लिए 17 किस्म के पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
अधिक उत्पादन लेने के लिए उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करना जरूरी है। इसके लिए मिट्टी की जांच कराना जरूरी होता है।