- मतदान को लेकर बुजुर्गों और दिव्यांगों में दिखा खासा उत्साह
- प्राथमिक विद्यालय खलीलाबाद प्रथम पर वोट डालने आई 90 वर्षीय अनारी ने रखी बात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मतदान को लेकर बुजुर्गों में काफी उत्साह रहा। बुजुर्गों का कहना था कि जीवन रहे न रहे पर एक बार और मतदान कर अपनी जिम्मेदारी निभा लें। यह हाल दिव्यागों का भी रहा। वह भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति सजग दिखे और बूथों तक मतदान के लिए आए।
खलीलाबाद के प्राथमिक विद्यालय प्रथम पर मत डालने आईं अनारी राय (93 वर्ष) चलने में असमर्थ थीं। उन्हे गोद में लेकर बेटा वोट डलवाने आया था। पूछने पर अनारी राय ने बताया कि वह हर चुनाव में अपना मत डालती है। इस बार भी वोट डाला है। पता नहीं इसके बाद जीवन रहे या न रहे, लेकिन अपनी जिम्मेदारियों को निभाना है।
इसी तरह महमून्निशा (80 वर्ष) वोट डालने आई थीं। उनके बेटे बाइक से लेकर आए। बूथ पर तैनात सुरक्षा कर्मी बाइक को अंदर जाने दिए। इसके अलावा 80 साल की बुजुर्ग अखतरी बेगम व्हील चेयर पर बेटे के साथ मतदान करने आई थीं। उनका कहना था कि जीवन में कई चुनाव देखा है और यह भी देख लिया। इसके बाद ऊपर वाले की कृपा होगी तो फिर किसी चुनाव में मत डालने आएंगी।
वहीं मेंहदावल नगर पंचायत के रुईहटा वार्ड निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग पारस को उनका छोटा पुत्र सुनील गुप्ता सहारा देकर डीएवी इंटर कॉलेज बूथ पर पहुंचा। मतदान महादान की संज्ञा देते हुए पारस ने कहा कि मतदान करना इस अवस्था में भी गर्व का अनुभव करता है। हर मतदाता को मतदान करना चाहिए तभी स्वस्थ लोकतंत्र का गठन होगा।
इसके अलावा सानी केवटलिया वार्ड निवासी मोहम्मद सेफ और अब्दुल अजीज अहमद दिव्यांग हैं। ई-रिक्शा के सहारे डीएवी इंटर कॉलेज में स्थित बूथ पर मतदान के लिए आए। पूरे उत्साह के साथ दोनों ने कहा कि मतदान करना स्वस्थ लोकतंत्र का चुनाव करना है, इसलिए सारा काम छोड़कर मतदान करने के लिए बूथ तक आए हैं। वहीं कन्या प्राथमिक विद्यालय पर दिव्यांग आयशा भी रिक्शे के सहारे मतदान करने पहुंची। मतदान के बाद उन्होंने उंगली पर लगे स्याही को दिखाते हुए प्रसन्नता जताई।