संतकबीरनगर। निशुल्क इलाज का दावा कर रहे अस्पतालों के पानी में बीमारियां पल रही हैं। तीन सौ बेड के जिला अस्पताल की पानी की टंकियों के आस पास काई जमी है। इसके साथ ही नालियाें से होकर पाइप लाइन गुजरी है। यही हाल सीएचसी खलीलाबाद का है।यहां पर भी पानी की टंकी की सफाई नहीं हो पाई है। इसके साथ ही जो पाइपलाइन बिछाई गई है वह शौचालय की टंकियों के पास से गुजरा है। इसलिए अस्पताल आएं तो साथ में साफ पानी भी लाएं।
जिला अस्पताल के एमसीएच विंग के पीछे पानी की टंकी बनी हुई है। यह टंकी 2013 में बनी थी, उसके बाद से आज तक इस टंकी की सफाई नहीं की गई। इस टंकी के नीचे जगह-जगह काई जमी हुई है। इसके साथ ही जो पानी की पाइपलाइन गई हुई वह भी नालियों के बीच से गुजरी है। पानी की जहां से सप्लाई दी जाती है, उसके आसपास कूड़ा-करकट फेंका जाता है। ऐसे में इस पाइप लाइन से कितना शुद्ध पानी मिल रहा होगा यह तो विभाग ही जानता है।
जिला अस्पताल में बनी पानी की टंकी की पाइपलाइन में जंग लगी हुई है। इसी टंकी से वार्ड, पैथाेलॉजी, एमसीएच विंग, आवासीय कालोनी समेत लगे आरओ मशीन में भी इसी पानी की सप्लाई जाती है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि समय समय पर टंकी की सफाई कराई जाती है, लेकिन पानी की टंकी के पास जलभराव और गंदगी मिली। इमरजेंसी के पास लगे आरओ से पानी नहीं आ रहा था।
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद
सीएचसी खलीलाबाद की पानी की टंकी, कब हुई सफाई नहीं है दर्ज=संवाद