पौली के शनिचरा बाजार में अधूरा पड़ा इंटरलॉकिंग सड़क।
धनघटा। धनघटा क्षेत्र में केले की खेती के व्यवसायीकरण के लिए वर्ष 1986 में बनाई गई उमरिया-संठी मार्ग की हालत दयनीय हो गई है। वर्षों से मरम्मत न होने से सड़क की दशा दिन-प्रतिदिन बिगड़ती गई।
बता दें कि 15 किलोमीटर लंबे उमरिया-संठी मार्ग से दो दर्जन गांवों के लोग आते-जाते हैं। सड़क की मरम्मत न होने से राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। अशरफपुर चौराहे पर सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। जगदीशपुर, रामपुर, सेमरी, औराडाड़ आदि गांवों के निकट सड़क पर बने बड़े बड़े गढ्ढे जानलेवा बने हुए है। भारी वाहनों के आवागमन से सड़क क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीण रमेश चंद गुप्ता, चंद्रमोहन, बबलू सिंह, राम सिंह, कैलाश आदि ने बताया कि सड़क की पटरियां ध्वस्त हो चुकी हैं। पिछले दस वर्षों से सड़क की मरम्मत न होने से सड़क की दशा खराब होती जा रही है। ग्रामीणों ने व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बनी सड़क जर्जर होने से किसानों को उपज बेचने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र सड़क की नए सिरे से मरम्मत किये जाने की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।