संतकबीरनगर। डिजिटल युग में विभिन्न प्लेटफाॅर्म पर कई तरह के गेमिंग एप दिए गए हैं, जिसके माध्यम से लोगों को लुभाया जा रहा है। लोग लालच में पड़कर गेम खेलना शुरू कर देते हैं। ज्यादा धन पाने की लालच में अपनी जमा पूंजी दांव पर लगा देते हैं।
कुछ समय तक संबंधित एप उनकी जीत दिलाकर लालच बढ़ाता रहता है। ज्यादा रकम दांव पर लगाकर सब कुछ हार जाते हैं। इसके बाद खुद को ठगा महसूस कर पुलिस के पास पहुंचते हैं। सोशल मीडिया पर वर्तमान में कई तरह के गेम चल रहे हैं, जो पहले लोगों को मुफ्त गेम खेलने और बाद में लोक लुभावन ऑफर देकर अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। जन सामान्य पहले मुफ्त गेम खेलकर इसका आदी बनाते हैं और बाद में हर वक्त गेम में ही डूबे रहते हैं। पहले इस पर थोड़ा-थोड़ा रुपये दांव पर लगाते हैं और बाद में अपने मेहनत की सारी जमा पूंजी दांव पर लगा देते हैं।
ऑनलाइन गेम का चस्का युवाओं में तेजी से फैल रहा है, जो खुद को बर्बाद करने के साथ ही पूरे परिवार को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर देते हैं। बहुत से ऐसे बच्चे भी इस गेम के चक्कर में पढ़कर मां-बाप की कमाई को दांव पर लगा देते हैं।
परिजनों को जब इसकी जानकारी होती है तब तक काफी कुछ तबाह हो जाता है। इसके बाद लोग पुलिस की शरण में पहुंचते हैं। ा