संतकबीरनगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के अंतर्गत शुक्रवार को शहर के एक होटल में भाजपा का दो दिवसीय आवासीय जिला प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया।
उद्घाटन सत्र में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविंद नारायण शुक्ला ने संगठन विस्तार एवं नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भाजपा का सिर्फ सत्ता पाने का उद्देश्य नहीं है, बल्कि समाज में राष्ट्रीय चेतना का जन जागरण करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा का विस्तार मतलब समाज के सभी वर्गों का संगठन में प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्र प्रथम की अवधारणा को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी का एकमात्र उद्देश्य एवं पहली प्राथमिकता अंत्योदय की है। सत्र की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नीतू सिंह ने करते हुए कहा कि संगठन ही शक्ति है। द्वितीय सत्र में राज्य गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल ने कहा कि भारतीय जनसंघ ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नेतृत्व में कश्मीर एवं राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर आंदोलन छेड़ा तथा कश्मीर को किसी भी प्रकार का विशेषाधिकार देने का विरोध किया। नेहरू के अधिनायकवादी रवैये के फलस्वरूप डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को कश्मीर की जेल में डाल दिया गया, जहां उनकी रहस्यपूर्ण स्थिति में मृत्यु हो गई। एक नई पार्टी को सशक्त बनाने का कार्य पंडित दीनदयाल उपाध्याय के कंधों पर आ गई। भारत-चीन युद्ध में भी भारतीय जनसंघ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर नेहरू की नीतियों का डटकर विरोध किया। 1967 में पहली बार भारतीय जनसंघ एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नेतृत्व में भारतीय राजनीति पर लम्बे समय से बरकरार कांग्रेस का एकाधिकार टूटा, जिससे कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पराजय हुई।
तीसरे सत्र में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापतिराम राम त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा संगठन की कार्यपद्धति के आधार स्तंभ कार्यकर्ता, कार्यक्रम, कार्यालय एवं कोष है। इसी के बदौलत भाजपा कार्यकर्ता संगठन की गतिविधियों को निचले स्तर तक ले जाकर कार्य पद्धति का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। चतुर्थ सत्र में पूर्व सांसद अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि उनका मानना है कि भाजपा में संगठन केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक संस्कार है जहां सामान्य कार्यकर्ता को भी अपनी क्षमता साबित करने का पूरा अवसर मिलता है। पंचम सत्र में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि विचार परिवार का आधार भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण है। इसमें 'भूमि' को माता और 'जन' को संतान के रूप में देखा जाता है। छठें सत्र में वर्गा प्रभारी हरिचरन कुशवाहा ने बूथ प्रबंधन विषय का गुरु सिखाते हुए कार्यकर्ताओं को बूथ विजय का मंत्र दिया।
सांतवे सत्र को पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी ने संबोधित किया।
इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव, दुर्गा राय, बद्रीप्रसाद यादव, जिला प्रभारी अजय सिंह गौतम, एमएलसी सुबाष यदुवंश, विधायक अंकुर राज तिवारी, गणेश चौहान, अनिल त्रिपाठी, गणेश पांडेय, हैप्पी राय, सुनीता अग्रहरी, दीपू सिंह, राकेश मिश्र, भूपेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे।