संतकबीरनगर। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर खलीलाबाद शहर के बगहिया के कृष्णा का बैंक में खाता खुलवाकर 82 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन की जांच में तेजी आ गई है। बैंक की ओर से लेने-देन का विवरण पुलिस को मुहैया करा दिया गया है। बैंक से कागजात मिलने के बाद पुलिस इस बात का पता लगाने में जुट गई है कि इसमें और कितने लोगों की संलिप्तता है। इस मामले में पीड़ित कृष्णा के पिता राजकुमार की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कर युवक के तीन दोस्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है। जबकि मास्टर माइंड पुलिस की पकड़ से अब भी दूर है।
साइबर आपराधी तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इसका एक उदाहरण खलीलाबाद के बगहिया का निवासी युवक कृष्णा है। उसके अपने ही तीन मित्रों ने झांसे में लेकर बैंक में खाता खुलवाया। सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उसके बैंक खाते से संबंधित सभी कागजात व गोपनीय जानकारी ले ली। उसके बाद एक अन्य युवक की मदद से कुछ ही माह में उस बैंक खाते से 82 लाख रुपये का लेन-देन कर दिया। शक होने पर बैंक की ओर से कृष्णा के पिता राजकुमार को सूचना दी गई। उसके बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो चौकाने वाला खुलासा हुआ।
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तीन दोस्त गिरफ्तार, मास्टर माइंड का सुराग नहीं
साइबर क्राइम थाना ने रिपोर्ट दर्जकर जब जांच शुरू की तो कृष्णा के तीन दोस्त प्रशांत निवासी शिवसरा, अभिनव निवासी एग्रो कॉलोनी व सुमित विश्वकर्मा निवासी टीचर कालोनी का नाम प्रकाश में आया। तीनों ने कृष्णा को सरकारी योजना का लाभ देने का झांसा देकर बैंक में खाता खोलवाया था। कृष्णा के बैंक से संबंधित सभी कागजात लखनऊ में रहकर तैयारी करने वाले गोरखपुर जनपद के बिछिया निवासी आकाश राव को दे दिया। पुलिस ने प्रशांत, अभिनव व सुमित को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया। जबकि आकाश के ठिकाने गोरखपुर दबिश देने के बाद वह वहां से लापता हो गया। पुलिस अब बैंक से हुए वित्तीय लेन-देन का डाटा खंगाल रही है, जिससे इससे जुड़े अन्य साइबर अपराधियों को चिह्नित करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
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बैंक से डाटा मांगा गया था, जो मिल गया है। उसकी जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया जाएगा। -जेपी दूबे, प्रभारी साइबर क्राइम थाना