धनघटा। क्षेत्र के कटार मिश्र गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में अयोध्याधाम से पधारे कथा व्यास सभामणि पांडेय ने शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि जब धरती पर दुराचारियों, पापियों का भार बढ़ता है तब देवताओं ने भगवान शंकर के विवाह की बात सोची। नारद मुनि माता पार्वती के पास पहुंचे और उनकी हस्त रेखा देखने के बाद बताया कि माता जगत जननी जगदंबा की शादी तीनों लोक के मालिक भगवान भोलेनाथ के साथ होगी।