संतकबीरनगर। मुर्गा खरीदने के दौरान हुए विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने दोषी काे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चार लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं न्यायालय में झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने वाले साक्षी के विरुद्ध नोटिस जारी किया है।
विवेचक ने आरोपी इरफान और मोबीन निवासी मुसरद थाना दुधारा के विरुद्ध पत्र न्यायालय में आरोप प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की तरफ से 14 साक्षियों का साक्ष्य कराया गया। जिसमें मुख्य रूप से मृतक रानू का दोस्त मनोज कुमार ने अपने बयान में घटना का समर्थन किया और बतौर चश्मदीद साक्षी अपना बयान अंकित कराया। अन्य साक्षियों ने भी घटना का समर्थन किया।
मृतक का पोस् मार्टम करने वाले साक्षी डॉक्टर प्रफुल्ल राय ने अपने बयान में चाकू से आई चोटों का कथन किया और बताया कि मृतक के गर्दन में दाहिनी ओर धारदार हथियार से घोंपा हुआ घाव पाया गया। जिससे की मृतक के गर्दन की रक्तवाहिनी कटने से उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक रानू के दोस्त अमन ने मुख्य परीक्षा और प्रति परीक्षा के दौरान घटना का समर्थन किया। किंतु प्रति परीक्षा में उसने घटना से इंकार किया। जिस पर न्यायालय ने अमन को नोटिस जारी किया कि क्यों न उसके विरुद्ध झूठा साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए परिवाद प्रस्तुत किया जाए। दोनों पक्षों के बहस को सुनने के पश्चात आरोपी इरफान को सत्र न्यायाधीश महेंद्र प्रसाद चौधरी ने हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और चार लाख रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिए।
अर्थदंड न अदा करने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिए। अर्थ दंड की धनराशि में से 3:50 लाख रुपये मृतक रानू उर्फ रुदल के माता-पिता तथा माता-पिता के न रहने पर उनके उत्तराधिकारियों को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया। शेष 50 हजार जुर्माने के रूप में जमा करने के आदेश दिए।
इसी प्रकार आरोपी मोबीन को आयुध अधिनियम के अपराध में एक वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिए। अर्थदंड न अदा करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिए।