अतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ के साथ शिक्षिका नीलू जायसवा
सांथा। बेसिक शिक्षा विभाग के कंपोजिट विद्यालय की शिक्षिका नीलू जायसवाल का सार पत्र अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव- 2025 में रविवार को पढ़ा गया। इसको लेकर नीलू काफी उत्साहित रहीं। 6 से 9 दिसंबर तक पंचकुला में होने वाले इस महोत्सव में वह इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ से भी मिलीं।
नीलू जायसवाल कंपोजिट विद्यालय सांथा में बतौर सहायक अध्यापिका तैनात हैं। अपने शैक्षिक कार्यकाल में नीलू जायसवाल विश्वविद्यालय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। इस बार भारतीय अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव 2025 का आयोजन पंचकुला हरियाणा में किया चल रहा है। विज्ञान से समृद्धि ''आत्मनिर्भर भारत के लिए'' विषय पर आधारित अपने शैक्षिक नवाचार का सार पत्र भेजा था। जो चयन मंडल का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया और आयोजन कमेटी ने ईमेल के माध्यम से संक्षिप्त सार पत्र की सराहना करते हुए आमंत्रण पत्र भेजा। उन्होंने सोमवार को अपना सार पत्र पढ़ा। समय-समय पर वह बच्चों की रुचि पैदा करने के दृष्टिकोण से नए-नए तरीके अपनाती रहती हैं। ''गेमिफिकेशन इन टीचिंग'' टाइटल पर आधारित सार पत्र की सराहना अंतरराष्ट्रीय मंच से किए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।