- 2013 में सरयू नदी की कटान से बेघर हुए लोगों को मिला है आवास
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। दस साल पहले सरयू नदी की बाढ़ से बेघर हुए प्रभावित गांवों के 200 परिवारों का प्रशासन ने जमीन आवंटित कर लोहिया आवास योजना का लाभ दिया। इसमें तुर्कवलिया नायक और भिखारीपुर के लोग रामजंगला में अपने आवास में रह रहे हैं। जबकि अशरफपुर के 25 परिवार लोहिया आवास को किराए पर देकर परिवार के साथ पुराने स्थान पर छप्पर डाल कर रहते हैं।
वर्ष 2013 में सरयू नदी ने एमबीडी बांध को तुर्कवलिया नायक के पास काट दिया था। इससे एमबीडी बांध के दक्षिण बसे भिखारीपुर गांव के 150 परिवार, तुर्कवलिया नायक के 25 परिवार व अशरफपुर गांव के 23 परिवार को बेघर हो गए थे। भिखारीपुर गांव के लोगों को रामजंगला में जमीन देकर शासन ने लोहिया आवास आवंटित कर बसाया। जबकि तुर्कवलिया नायक के लोग तुर्कवलिया नायक में बसाए गए। अशरफपुर गांव के लोगों को अशरफपुर चौराहे के करीब और डेबरी में बसाया गया। तुर्कवलिया नायक और भिखारीपुर के लोग तो अपने आवास में रहते हैं, लेकिन अशरफपुर में जिन लोगों को बसाया गया, वह लोग खुद के लोहिया आवास को किराएदारों के हवाले कर अपने पुराने स्थान पर रह रहे हैं।
नाम न छापने की शर्त पर अशरफपुर गांव के लोगों का कहना है कि यहां पर लोहिया आवास भले ही दे दिया गया, लेकिन खेती बारी सब दियारे में है। जहां पर लोहिया आवास देकर लोगों को बसाया गया है, वहां पर इतनी जमीन नहीं है कि पशुओं को रखा जा सके। यहां के लोग ज्यादा मात्रा में पशु पालते हैं। दियारे में रहने पर पशुओं को खिलाने का चारा आसानी से उपलब्ध हो जाता है।
उन्होंने बताया कि नदी जब बढ़ती है तो परेशानी जरूर होती है, लेकिन इस परेशानी को काट लिया जाता है। लोहिया आवास के लाभार्थी सतई, बेचन, तूफानी, लालमति, राम सुंदर आदि ने लोहिया आवास को किराए पर देने से इंकार करते हुए कहा कि कुछ जरूरतमंद लोग उनके मकान में जरूर रह रहे हैं। उनके रहने से मकान की साफ-सफाई हो जा रही है। किसी से एक रुपये किराए के रूप में नहीं लिया जाता है। जबकि ग्राम प्रधान अजय कुमार उर्फ सोनू यादव ने भी लोहिया आवास के लाभार्थियों के जरिए लोहिया आवास किराए पर देने से इंकार किया है। प्रधान का कहना है की सभी लाभार्थी अपने आवास में रह रहे हैं।
...
कोट
लोहिया आवास को आवास को किराए पर देने की जानकारी फिलहाल नहीं है। यदि ऐसा किया गया है तो गलत है। प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में मामला सही मिला तो संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।
- राम प्रताप पांडेय, बीडीओ हैंसर बाजार