संतकबीरनगर/ लोहरैया। जहां एक तरफ उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं, वहीं बादलों की बेरुखी से किसान भी बेहाल हैं। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है, उनकी फसल सूखने लगी है। फसल बचाने के लिए किसान नलकूपों व निजी संसाधनों पर निर्भर हो गए हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कई दिनों से बादल छा रहे हैं, लेकिन तेज बारिश नहीं हो रही है। छिटपुट बारिश का कोई असर नहीं पड़ रहा है। लोग उमस भरी गर्मी झेल रहे हैं। हालांकि मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिली। सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस था।
दूसरी तरफ रोज बादलों का आना-जाना किसानों की उम्मीदों को जगा रहा है, लेकिन बारिश न होने से उनकी चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में पहले से रोपी गई धान की फसल पानी के अभाव में सूखने लगी है। खेतों में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। जिन किसानों ने अभी तक धान की रोपाई नहीं की है, वे भी मौसम की अनिश्चितता के कारण निर्णय लेने से कतरा रहे हैं।
सियरकला निवासी किसान व्यास मुनि चौबे ने कहा कि हर दिन बादल आते हैं, लेकिन बिना बरसे लौट जाते हैं। बड़ी उम्मीद से धान की रोपाई की थी। अब खेत सूख रहे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत और लागत पर पानी फिर जाएगा। दुघराकला निवासी किसान राजकुमार ने बताया कि किसी तरह रोपाई कर दी है, लेकिन अब सबसे बड़ी चिंता यह है कि आगे बारिश होगी या नहीं। कई किसान इसी वजह से धान की नर्सरी की रोपाई करने से भी बच रहे हैं।
किसान लालमन गुप्ता ने कहा कि खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है। खेतों में नमी खत्म हो रही है और दरारें पड़ रही हैं। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान की खेती पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा और उत्पादन भी प्रभावित होगा।
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मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इधर बादल छाए रहेंगे और बारिश होने के आसार है। इससे किसानों को जहां राहत मिल सकती है। उमस भरी गर्मी से भी राहत की उम्मीद है।
-अमरनाथ मिश्र, मौसम वैज्ञानिक, कुमारगंज अयोध्या