महुली। कस्बा महुली में करीब 10 दिनों से चले आ रहे नाला विवाद को लेकर शुक्रवार को तहसीलदार रामजी और थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पांडेय मय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचकर विवाद स्थल का निरीक्षण किया।
यहां नाला बंद होने से बाजार जाने वाली मुख्य सड़क जलमग्न मिली। इसी रास्ते से होकर तहसीलदार और थानाध्यक्ष जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए चारों तरफ से तालाब तक पहुंचने वाले नाले की मौके पर जाकर जांच की। इस दौरान उन्होंने दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समस्या दूर करने के लिए एसडीएम धनघटा के समक्ष प्रस्तुत होने का निर्देश दिया। समाधान न होने तक विवाद स्थल की ओर निर्माण न करने का निर्देश भी दिया।
कस्बा महुली में जल निकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। थाना क्षेत्र के महुलिया खुर्द निवासी एक व्यक्ति द्वारा अपने नंबर की भूमि बता कर नाला पाट दिया। इससे जल निकासी नहीं हो पा रही है। लोगों के घरों का पानी सड़क पर इकट्ठा होने लगा है। बाजार वाली मुख्य सड़क पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 50 वर्षों से इसी रास्ते से होकर कई घरों का पानी आगे तालाब में जाकर गिरता था। 10 दिनों से नाला पाट देने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण लगातार जलनिकासी की समस्या को दूर करने की प्रशासनिक जिम्मेदारों से गुहार लगा रहे थे। इसी बीच शुक्रवार को तहसीलदार धनघटा रामजी, थाना प्रभारी महुली दुर्गेश पांडेय मय पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जलनिकासी की समस्या दूर करने के लिए दोनों पक्षों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। बात न मानने पर तहसीलदार ने दोनों पक्षों को एसडीएम धनघटा के प्रस्तुत होने का निर्देश दिया। इस दौरान उपनिरीक्षक सोमनाथ मिश्रा, हेड कांस्टेबल शम्स तबरेज, महेश यादव, ओमकार मद्धेशिया, अंकित शर्मा, सईदुल्लाह, मनमोहन पांडेय, अब्दुल समद, अशहर आदि मौजूद रहे।