मेंहदावल। एफएलएन व एनसीईआरटी आधारित शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों को तीन चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शासन इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए निपुण भारत मिशन को विद्यालय स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
यह जानकारी देते हुए बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि इसके लिए सबसे पहले राज्य स्तर पर 22 जून से 10 जुलाई तक राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान (एसआईएचएफडब्ल्यू) लखनऊ में प्रशिक्षण कार्यक्रम है। पहले चरण में आयोजित होने वाले प्रशिक्षण के माध्यम से एआरपी और डायट मेंटरों की प्रशिक्षित टीम आगे चलकर ब्लॉक स्तर पर ही शिक्षकों को प्रशिक्षित कर निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को कक्षा-कक्ष तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगी।
सरकार की यह पहल बुनियादी शिक्षा में गुणवत्ता, सीखने के परिणामों और निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का फोकस केवल विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि कक्षा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने पर भी है।
इस उद्देश्य से शैक्षणिक सत्र 2026-27 में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत एफएलएन, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों पर आधारित प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों व शिक्षामित्रों के लिए प्रस्तावित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रभावी बनाने हेतु जिला स्तरीय संदर्भदाताओं का राज्य स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले से चार संदर्भदाता नामित किए जाएंगे, जिनमें दो एआरपी और दो डायट मेंटर शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए चयनित चार संदर्भदाताओं में कम से कम एक-एक प्रतिभागी हिंदी, गणित और अंग्रेजी विषय से संबंधित होना अनिवार्य है। प्रशिक्षण संचालन की क्षमता रखने वाले एआरपी एवं डायट मेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
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प्रशिक्षित संदर्भदाता बनेंगे परिवर्तन के वाहक
मेंहदावल। जिला प्रशिक्षण समन्वयक नवीन श्रीवास्तव व एआरपी विज्ञान राकेश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किए जाने वाले ये संदर्भदाता आगे ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाएंगे। इनके माध्यम से प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा मित्रों तक एफएलएन आधारित शिक्षण पद्धति, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाएं और निपुण लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाएगा। इससे विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता के साथ ही एकरूपता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
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सीखने के परिणामों में सुधार को मिलेगी नई गति
मेंहदावल। एआरपी विज्ञान अनूप कुमार सिंह व एआरपी गणित प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि निपुण भारत मिशन का मूल उद्देश्य बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान को मजबूत करना है। प्रदेश सरकार द्वारा लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, अकादमिक अनुश्रवण, निपुण मूल्यांकन और गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। संदर्भदाताओं का यह विशेष प्रशिक्षण उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके माध्यम से बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार और कक्षा-कक्ष शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाना व निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना लक्ष्य है।