संतकबीरनगर। बेसिक शिक्षा विभाग में दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को बीएसए को ज्ञापन सौंपकर अलग-अलग भर्तियों के शिक्षकों के साथ भेदभाव बरतने पर नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान प्रदर्शन किया। रा ष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में जुटे शिक्षकों ने शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार समयबद्ध तरीके से चयन वेतनमान की प्रक्रिया को पूर्ण करते हुए भुगतान की मांग की।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष नवीन त्रिपाठी की अगुवाई में बेसिक शिक्षकों ने बृहस्पतिवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अमित कुमार सिंह से मुलाकात की। महासंघ ने मांग की कि 29 हजार जूनियर गणित, विज्ञान तथा 72825 शिक्षक भर्ती के प्रथम व द्वितीय बैच के शिक्षकों की 10 वर्ष की सेवा पूर्ण हो चुकी है। शिक्षक सेवा नियमावली के अनुसार शिक्षकों के चयन वेतनमान का आदेश जारी किया जा चुका है, बावजूद इसके भुगतान के लिए हस्ताक्षर रहित तथा हस्ताक्षर सहित का खेल खेला जा रहा है। एक ही तरह के आदेश में दो अलग-अलग तरह के नियम अपनाए जा रहे हैं जिससे शिक्षक खुद को ठगा महसूस कर रहा है।
72825 शिक्षक भर्ती में बिना हस्ताक्षर के भुगतान करने तथा गणित, विज्ञान के शिक्षकों के आदेश में बिना हस्ताक्षर भुगतान न करने का आदेश है। यह शिक्षकों के बीच भेदभाव को बढ़ावा देने वाला है। महासंघ ने आरोप लगाया कि आदेश में भिन्नता के चलते भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। महासंघ ने बीएसए से मांग की कि जिन शिक्षकों को सेवा 10 वर्ष पूर्ण हो चुकी है उन सभी के चयन वेतनमान का भुगतान जनवरी माह के वेतन के साथ किया जाए। यदि सप्ताह भीतर इस मामले में ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो पूरे प्रकरण को जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।
इस दौरान संगठन मंत्री अभिषेक श्रीवास्तव, श्याम नारायण, आरिफ जमाल अंसारी, दिनेश शुक्ल, रवि चंद्र, निशांत त्रिपाठी, अनूप सिंह, संदीप त्रिपाठी, ज्ञान प्रकाश द्विवेदी, कमलेश यादव, एनडी त्रिपाठी, अंशुमान सलभ, योगेश यादव, संदीप गुप्ता, जुगेश मौर्य, सूर्यनाथ चौरसिया, कमलाकांत यादव आदि मौजूद रहे।