संतकबीरनगर। राजकीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या में इजाफा नहीं हो पा रहा है। नामांकन बढ़ाने की कई कोशिशों के बाद भी खास प्रगति नहीं हो रही है। अब भी कई ऐसे स्कूल हैं, जहां नामांकन अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। इन स्कूलों में संख्या महज 30 से 40 तक ही सिमटकर रह गई है। इसके लिए राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें कर्तव्यबोध कराया जाएगा। लखनऊ में होने वाले प्रशिक्षण के लिए जिले के शिक्षक पहुंचेंगे।
जिले में 18 राजकीय माध्यमिक विद्यालय और दो राजकीय इंटर कॉलेजों का संचालन किया जाता है। यहां करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। हर साल संख्या बढ़ाने की कवायद की जाती है लेकिन धरातल पर उसका असर नहीं दिखता। यहां बच्चों की शैक्षिक प्रगति के लिए हर साल बजट के रूप में लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन, नामांकन के समय अपेक्षा के अनुरूप छात्र-छात्राओं का प्रवेश नहीं हो पाता।
इसके लिए अब राज्य परियोजना कार्यालय 50 से कम नामांकन वाले राजकीय हाईस्कूल व 100 बच्चों तक नामांकन वाले राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्यों व शिक्षकों को नामांकन बढ़ाने के लिए कर्तव्यबोध कराने के लिए प्रशिक्षण देगा। इस तरह के जिले में 15 राजकीय विद्यालय हैं। इस प्रशिक्षण का आयोजन लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। डीआईओएस हरीश चंद नाथ ने बताया कि ऐसे सभी स्कूलों को सूचना उपलब्ध करा दी गई है।