जिले में करीब 250 अस्तित्व विहीन शिक्षक वेतन ले रहे हैं। लगातार फर्जी शिक्षकों की तैनाती की शिकायतों पर डीएम ने वेतन बिल की सूची तलब कर जांच बैठा दी है। सभी खंड शिक्षाधिकारियों को हिदायत दी गई है कि यदि जांच रिपोर्ट गलत मिली तो उन पर भी कार्रवाई होगी। जांच शुरू होने से बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
डीएम मारकंडेय शाही ने बताया कि लगातार ऐसे शिक्षकों की तैनाती की शिकायतें मिल रहीं हैं कि वे अस्तित्व में ही नहीं हैं। इनके वेतन का भी हर माह आहरण हो रहा है। जिले में ऐसे 250 लोगों के होने की शक है। उन्हें शक तो यहां तक है कि इनके बैंक खाते और केवाईसी भी फर्जी हैं। यह बेहद गंभीर प्रकरण है। प्रभारी बीएसए और डायट प्राचार्य को भी इस मामले से अवगत कराया है। विकास खंडवार तैनात शिक्षकों के नामों की सूची और वेतन बिल मंगाया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों के नामों की सूची देते हुए सत्यापन किए जाने का निर्देश दिया गया है। ताकि फर्जी शिक्षक पकड़ में आ जाएं। यदि किसी खंड शिक्षा अधिकारियों ने सही तरीके से सत्यापन नहीं किया और वहां दुबारा फिर दूसरे खंड शिक्षा अधिकारी से जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट गलत निकली तो फर्जी शिक्षक के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई कर दी जाएगी। प्रभारी बीएसए प्रफुल्ल त्रिपाठी ने बताया कि जिले में कुल 4265 शिक्षकों की तैनाती है। इनमें से 250 आस्तित्व विहीन शिक्षकों के वेतन का आहरण हो रहा है। डीएम के निर्देश पर जांच शुरू हुई है। 15 दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी।