- गैर प्रांत के स्कूली वाहनाें पर कार्रवाई
- बच्चों की जान जोखिम में डालकर ले जाते हैं स्कूल संचालक
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। एआरटीओ के स्कूल बसों के निलंबन के बाद पाया गया कि अन्य प्रांत के 21 स्कूली वाहनों का यहां पर लाकर स्कूल में छात्रों को लाने और ले जाने में धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा था। बच्चों की जान जोखिम में डालकर स्कूल संचालक उन्हें लाते और ले जाते थे। विभाग ने फिलहाल यहां दर्ज अन्य प्रांत के स्कूली वाहनों का फिटनेस न मिलने की वजह से निलंबन की कार्रवाई की है।
जिले के कई स्कूल संचालक गैर प्रांत में पंजीकृत स्कूल वाहन से बच्चों को स्कूल लाते और घर पहुंचाते हैं। कई स्थानों पर स्कूल वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर भी वाहनों की जांच एवं कार्रवाई शुरू हुई। जांच में 308 स्कूल वाहन पाए गए जो बिना पंजीकरण के सड़कों पर दौड़ लगा रहे थे। इसके बाद ऐसे वाहन संचालकों को विभाग की तरफ से वाहनों का फिटनेस कराने के लिए नोटिस दिया गया।
कई बार अवकाश के दिन कार्यालय में कैंप लगाने के बाद भी स्कूल वाहन संचालकों ने फिटनेस कराने में रुचि नहीं ली, जिसके बाद विभाग ने अनफिट वाहनों के निलंबन की कार्रवाई की।
जिले में पंजीकृत अन्य प्रांतों के 21 वाहनों के निलंबन की कार्रवाई की गई है। नौनिहालों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बिना फिटनेस के स्कूल वाहन चलाने वाले संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ