संतकबीरनगर। परिषदीय स्कूलों में कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के लिए खुशखबरी है। छात्र शिक्षा सत्र में 10 दिन तक बिना बैग (बैगलेस) के स्कूल आएंगे। छात्रों को आनंदमय वातावरण में कौशल आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत शनिवार से शुरू होने वाली इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों में किताबों के दबाव को कम करके खेलकूद व अन्य गतिविधियों के माध्यम से कौशल विकास करना है। 22 नवंबर से स्कूलों में यह व्यवस्था शुरू होगी।
जिले में 1247 परिषदीय स्कूल हैं, जिनमें 1.04 लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कक्षा छह से आठ तक के छात्रों के लिए विभाग ने शिक्षा सत्र में 10 दिनों तक बिना बैग के स्कूल आने की योजना बनाई है। इन 10 दिनों में छात्रों के बहुमुखी विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने सभी बीएसए को आदेश जारी किए हैं।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा परिषदीय उच्च प्राथमिक, कंपोजिट व केजीबीवी के छात्रों के लिए आनंदम मार्गदर्शिका विकसित की गई है। इसके जरिए छात्रों को आनंदमय वातावरण में सीखने का अनुभव देने, समग्र शिक्षा पर जोर, उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाने का प्रयास होगा। साथ ही, कौशल आधारित गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा, समुदाय के साथ जुड़ने, स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों व स्थानीय व्यवसाय की समझ विकसित की जाएगी। बीएसए अमित कुमार सिंह का कहना है कि महानिदेशक के निर्देशों के पालन के लिए प्रधानाध्यापकों को आदेश जारी कर दिए गए हैं।