संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश मोहन लाल विश्वकर्मा की अदालत ने हत्यारोपी ई रिक्शा चालक हरि राम गौतम का जमानत प्रार्थना पत्र सुनवाई के उपरांत निरस्त कर दिया।
राघवेंद्र दूबे निवासी ग्राम मनियरा थाना खलीलाबाद ने तहरीर दी कि वह अयोध्या के एक होटल में काम करते है।
28 सितंबर 2025 को सुबह के समय भतीजा शिवम दूबे ने अपने मोबाइल से सूचना दी कि चाची सरिता 27 सितंबर 2025 को ड्यूटी के बाद रात में घर नहीं आई थीं। 28 सितंबर 2025 को किसी व्यक्ति ने हत्या करके गंगा मंझरिया गांव की नहर के किनारे फेंक दिया है। वह मौके पर पहुंचे। वहां पत्नी सरिता का शव पड़ा था।
उनकी पत्नी सरिता जब घर से अपने ड्यूटी खलीलाबाद शहर में जाती थी। उसको हरिराम गौतम पुत्र मुन्नीलाल गौतम निवासी ग्राम करौता थाना खलीलाबाद परेशान करता था। उसे पूरा विश्वास है कि उनकी पत्नी सरिता की हरिराम गौतम ने हत्या करके शव को नहर के किनारे फेंक दिया है।
उक्त गांव क्षेत्र के लोगो से यह भी जानकारी मिली है कि सफेद रंग की ई रिक्शा गाड़ी से ले जाकर के फेंका है। हरिराम गौतम अक्सर उनकी पत्नी सरिता को अपने ई रिक्शा से लाता-ले जाता था। प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आरोपी ई रिक्शा चालक हरिराम गौतम को गिरफ्तार किया। आरोपी ने जमानत प्रार्थना पत्र सत्र न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने विरोध किया। सत्र न्यायाधीश मोहनलाल विश्वकर्मा ने आरोपी हरिराम गौतम की जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।