स्कूल में तीन घंटे बेहोश रही छात्रा, जिम्मेदारों ने नहीं ली सुधि
- आश्रम पद्घति विद्यालय चकदही का मामला
- विद्यालय में सीढ़ी से उतरते वक्त गिर गई थी छात्रा
-हादसे के समय स्कूल में शिक्षक थे न प्रधानाचार्य
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति विद्यालय चकदही में बुधवार को 10वीं छात्रा चक्कर आने से सीढ़ी से नीचे गिरकर बेहोश हो गई। करीब तीन घंटे तक छात्रा बेहोश रही परंतु विद्यालय प्रशासन ने उसे अस्पताल पहुंचाने तक की जहमत नहीं उठाई। तीन घंटे बाद पहुंचे परिजनों ने छात्रा को खलीलाबाद सीएचसी में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान विद्यालय में न तो कोई शिक्षक था और न ही प्रधानाचार्य मौजूद थीं। मामला संज्ञान में लाए जाने पर डीएम ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
खलीलाबाद शहर से करीब चार किलोमीटर दूर चकदही गांव में पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्घति बालिका विद्यालय संचालित है। कक्षा छह से 12 तक के इस आवासीय विद्यालय में करीब 500 छात्राएं पढ़ती हैं। बुधवार की सुबह नौ बजे कक्षा 10 की छात्रा मनीता छत से उतर रही थी। उसे चक्कर आ गया और वह सीढ़ी से नीचे गिर गई और बेहोश हो गई। उसके गिरने के बाद विद्यालय में मौजूद छात्राओं की भीड़ जमा हो गई। विद्यालय में उस वक्त कोई भी शिक्षक, वार्डेन और यहां तक की प्रधानाचार्य भी मौजूद नहीं थी। मनीता को अन्य छात्राएं होश में लाने का प्रयास करने लगी पर वह होश में नहीं आई। बेहोश छात्रा की बहन सुनीता भी उसी विद्यालय में कक्षा नौ में पढ़ती है। उसने किसी तरह से अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। करीब 11.30 बजे परिजन विद्यालय पर पहुंचे और छात्रा को लेकर अस्पताल गए। जहां उसका इलाज शुरू हुआ। छात्रा की मां इंद्रावती देवी का आरोप था कि तीन घंटे तक बेटी विद्यालय में बहोश रही पर विद्यालय ने उसका उपचार नहीं कराया। अस्पताल ले जाने तक की जहमत नहीं उठाई। इस संबंध में विद्यालय की प्रधानाचार्य देवबाला पांडेय ने बताया कि बच्ची बेहोश हुई तो उसको होश में लाने का प्रयास किया गया। एंबुलेंस के लिए 108 नंबर पर फोन किया गया लेकिन कोई कॉल रिसीव नहीं हुई। कुछ देर बाद छात्रा होश में आ गई। वह पहले से बीमार है और उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने जो आरोप लगाया है वह पूरी तरह से बेबुनियाद है।
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मामले की कराएंगे जांच: डीएम
डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि मामला गंभीर है। छात्रा को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाना चाहिए था। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।