सभी के सहयोग से सुधरेगा समाज, बदलेंगे हालात: एसपी
- जीआर एकेडमी खलीलाबाद में पुलिस की पाठशाला का हुआ आयोजन
- सीओ सदर रमेश कुमार ने दी कानून की जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। महिलाओं और लड़कियों के साथ होने वाले तमाम अपराध ऐसे हैं जिन पर नियंत्रण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। सभी लोग मिलकर अपराध का प्रतिकार करेंगे तभी हालात बदलेंगे। पुलिस को घटनाओं की सूचना जितनी तेजी से मिलती है उस पर कार्रवाई भी उसी तेजी से होती है। अमर उजाला का यह अभियान सामाजिक बदलाव का आधार बनेगा। यह बातें पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह ने बुधवार को जीआर एकेडमी खलीलाबाद के सभागार में अमर उजाला के अभियान अपराजिता के तहत आयोजित पुलिस की पाठशाला में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
एसपी ने कहा कि जैसे अन्य विभागों में कार्य पद्घति बदल रही है वैसे ही पुलिस में भी बदलाव आ रहा है। थाना परंपरागत पुलिसिंग का प्रतीक है जबकि डॉयल 100 और 1090 जैसी सुविधाएं मॉडर्न पुलिसिंग का हिस्सा है। दोनों में समन्वय से ही कानून-व्यवस्था की स्थापना में मदद मिलती है। अब पुलिस लोगों के दरवाजे तक पहुंचकर कानूनी सुरक्षा मुहैया करा रही है। परंतु पुलिस को अपना कार्य तेजी से करने के लिए जन सहयोग की बहुत जरूरत होती है। घटनाओं की सूचना जितनी तेजी से मिलती है, उसी अनुरूप मामलों में कार्रवाई भी होती है। एसपी ने स्कूल प्रबंधन से हाईस्कूल व इंटर की कक्षाओं में पॉवर एंजल बनाने का भी निर्देश दिया।
सीओ सदर रमेश कुमार ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में डॉयल 100 का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा लड़कियों को छेड़खानी समेत अन्य मामलों में परेशान होने की बजाय 1090 पर शिकायत करनी चाहिए। इस पर कॉल करने वाली लड़की का नाम व पता गोपनीय रखा जाता है। इसके अलावा कभी भी आपात स्थिति में पुलिस अफसरों तक बेहिचक अपनी बात कह सकती हैं। कार्यक्रम को विद्यालय के प्रधानाचार्य जमाल अहमद, प्रबंधक प्रिंस त्रिपाठी, निदेशक प्रवीन त्रिपाठी, संरक्षक आशुतोष त्रिपाठी और संस्थापक घनश्याम त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कोतवाल श्रीप्रकाश यादव, उप प्रधानाचार्य देव सारस्वत, शिक्षक डॉ. अजय मिश्रा, डॉ. रविराज गुप्ता, कृष्ण मुरारी त्रिपाठी, पूजा दुआ, बीना मिश्रा, अर्चना दूबे, कृष्ण कुमार सिंह, तारिक अनवर, सुगंधा चौरसिया, अभिषेक त्रिपाठी, श्वेता जायसवाल, निधि सिंह, सुधा पांडेय, रेनुका, तपस्या दुआ, साक्षी जायसवाल, प्रतिभा शर्मा, रुपांजलि मल्ल समेत कई लोग मौजूद रहे।
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नाटक देख भावुक हुए लोग
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन व पुष्पार्चन से हुई। इसके बाद स्कूल की छात्राओं ने महिला उत्पीड़न विषय पर एक लघु नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया। इस भाव नृत्य का छात्राओं ने इतना सजीव मंचन किया कि उपस्थित सभी लोग भावुक हो गए। नृत्य नाटिका का संदेश यह था कि उत्पीड़न के खिलाफ महिलाएं व लड़कियां एकजुट होकर खुलकर विरोध करें तभी अपराधी मानसिकता वालों की हिम्मत टूटेगी। एसपी, सीओ व प्रबंधक समेत अन्य सभी ने इस कार्यक्रम की सराहना की।
बोली छात्राएं--
स्कूल में पढ़ाई के अलावा इस तरह के आयोजन से विषयेत्तर जानकारी मिली है। एसपी सर ने जिस तरह से सामान्य बातचीत के दौरान गंभीर विषयों की जानकारी दी वह अपने आप में अनूठी रही। क्लास के लेक्चर की तरह उनकी बात आसानी से समझ में आ गई।
- सुषमा चौधरी, छात्रा।
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पुलिस की इस पाठशाला में मौखिक जानकारी के साथ-साथ डॉयल 100 का ट्रायल आश्चर्यजनक था। सूचना पर 15 मिनट से भी कम समय में पुलिस का मौके पर पहुंचना सुखद है। आपात स्थिति में कैसे पुलिस की मदद ली जा सकती है यह बात आसानी से समझ में आ गई।
- दिव्यांशी श्रीवास्तव, छात्रा
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अमर उजाला की मुहिम अपराजिता से जुड़कर अच्छा लगा। ऐसे आयोजनों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। स्कूल आए अफसरों ने तमाम ऐसी जानकारियां दीं जो किताबों में नहीं मिल सकती। 1090 की जानकारी लड़कियों के लिए बहुत जरूरी है। इसी तरह पावर एंजल के विषय में भी जानकारी हुई।
- प्रज्ञा चौधरी, छात्रा
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पुलिस की पाठशाला हमारे लिए नया विषय था। परंतु सभागार में आए दोनों वरिष्ठ अफसरों ने जिस तरह से बिंदुवार जानकारी दी वह फायदेमंद रहा। ये जानकारियां भविष्य में भी फायदा देंगी। इससे अपने घर तथा पड़ोस की महिलाओं व लड़कियों को भी जागरूक किया जाएगा।
- संजिका चौधरी, छात्रा