संतकबीरनगर। जिले में बिना पंजीकरण के चल रहे कोचिंग संस्थानों को बंद करने की तैयारी शुरू हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ऐसे कोचिंग संचालकों को अल्टीमेटम भेज दिया है। एक जुलाई से हर हाल में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया। 15 जुलाई के बाद ब्लॉक स्तर पर गठित टीमें कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर जांच करेंगी। रजिस्ट्रेशन न होने पर कोचिंग को बंद कराया जाएगा।
जिले में 280 माध्यमिक एवं इंटर कॉलेज चल रहे हैं। राजकीय, वित्तपोषित से लेकर वित्तविहीन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन सही से नहीं हो पाता है। इससे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं कोचिंग के सहारे परीक्षा की तैयारी करते हैं। खलीलाबाद, मेंहदावल, महुली, बखिरा, सेमरियावां, सांथा, हैंसर आदि क्षेत्रों में छोटे-बड़े करीब 200 से अधिक कोचिंग सेंटर खुले हैं, लेकिन पंजीकृत की संख्या 40 से 50 ही है। पूर्व में कई बार चेतावनी देने के बाद भी कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण नहीं कराया। अब एक जुलाई से विद्यालय में पठन-पाठन शुरू हो जाएगा।
कोचिंगों पर विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ने लगेगी। ऐसे में विभाग की अब सख्ती करने जा रहा है। बिना पंजीकरण के कोई भी कोचिंग संस्थान नहीं चलने दिया जाएगा। डीआईओएस हरिशचंदनाथ ने बताया कि एक जुलाई से कोचिंग का पंजीकरण शुरू होगा। जो पंजीकरण नहीं कराएगा तो जांच में उस सेंटर को बंद करा दिया जाएगा। जिसकी सारी जिम्मेदारी कोचिंग संस्थान की होगी।