जिला अस्पताल में मरीज देखते हुए चिकित्सक
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में मानसिक समस्याओं परेशान होकर 10 मरीज रोजाना आ रहे हैं। इसमें काम का दबाव, बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह, रिश्तों में अलगाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आदि शामिल हैं, लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे तो यह व्यक्ति की पूरी जीवन शैली को प्रभावित कर सकता है। इससे बचने के लिए समय पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए और सोच सकारात्मक रखनी चाहिए।
जिला अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ. तन्वांगी मणि शुक्ल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 10 से अधिक मरीज मानसिक समस्याओं को लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें तनाव के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कि काम का दबाव, बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, पारिवारिक कलह, रिश्तों में अलगाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, नशे की लत, हिंसा या मानसिक उत्पीड़न आदि।
उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव सामान्य हैं लेकिन अगर तनाव लंबे समय तक बना रहे तो यह व्यक्ति की पूरी जीवनशैली को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने इस बीमारी को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। यदि तनाव का असर दिनचर्या और व्यवहार पर दिखने लगे, तो बिना देर किए विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही जरूरी है, इसकी उपेक्षा न करें।