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Sant Kabir Nagar News: हर माह देखरेख पर 51 लाख खर्च, फिर भी सामुदायिक शौचालयों में ताले

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विकास खंड पौली के भोतहा गांव में सामुदायिक शौचालय पर बंद ताला।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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हर माह देखरेख पर 51 लाख खर्च, फिर भी सामुदायिक शौचालयों में ताले
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संतकबीरनगर। गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों में ताला लटक रहा है। जबकि प्रत्येक माह इनकी देखरेख और मरम्मत पर 51 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में ही सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद मिल रहे हैं।
शासन की प्राथमिकता में ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण और उपयोगिता शामिल है। जिले के 754 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाने हैं। 567 शौचालय बन चुके हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। समूहों को हर माह 6,000 रुपये मानदेय और मरम्मत के नाम पर तीन हजार रुपये दिए जाते हैं।
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एक सप्ताह पहले डीडीओ सुदामा प्रसाद ने मेंहदावल क्षेत्र के नरायनपुर में निरीक्षण किया था। सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला था। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद की जांच में सेमरियावां क्षेत्र के दरियाबाद गांव में यहीं हाल रहा। सेमरियावां के एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी की जांच में सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला और केयर टेकर के अयोध्या में रहने की बात सामने आई थी।
धनघटा तहसील क्षेत्र के मटौली, नरायनपुर और भोतहा में सामुदायिक शौचालयों में ताला लटका मिला। ग्रामीण राम उजागिर, शंभू, परमेश्वर, सुरेंद्र, कमलेश, रमाकांत, राम सजीवन, सुग्रीव, सुरेंद्र, रामकेस, रामअचल आदि ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद रहता है।
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कोट
सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद रहने की शिकायतें मिल रही हैं। निरीक्षण में भी यह बात सामने आ रही है। एडीओ पंचायतों को कड़े निर्देश के साथ पत्र जारी किया गया है कि हर हाल में सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद नहीं रहना चाहिए। यदि ताला बंद मिला तो संबंधित केयर टेकर को हटा दिया जाएगा। एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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- राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ
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स्वच्छता के मकसद से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह खुद निरीक्षण करें। यदि लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-अतुल मिश्र, सीडीओ
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