जमीन के एक मामले में पैरवी बताई जा रही हत्या की वजह, जांच के लिए एसआईटी गठित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की महिला शाखा की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर (30) की रविवार दिनदहाड़े उनके घर में ही हत्या कर दी गई। उनका शव उनके कमरे में फर्श पर मिला। घटना के तार जमीन विवाद में नंदिनी के चचिया ससुर की हत्या से जुड़ रहे हैं। तनाव के मद्देनजर गांव में पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं. देर रात आईजी ने खलीलाबाद कोतवाल को हटाते हुए मामले के खुलासे के लिए एसआईटी गठित कर दी।
कोतवाली क्षेत्र के डीघा गांव निवासी नंदिनी राजभर (30) पत्नी अच्छेलाल रविवार को जिला स्टेडियम में आरएसएस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर दिन में करीब दो बजे घर लौटीं। नंदिनी की सास आरती देवी के अनुसार, शाम करीब चार बजे वह घर पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से खुला था। वह अंदर पहुंची और नंदिनी को आवाज देने लगीं लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। घर में कोई और भी नहीं था। वह नंदिनी के कमरे में गईं तो वहां अंधेरा था और वह बेड के पास फर्श पर सोई दिखीं। उन्होंने एक-दो बार आवाज दी लेकिन उसने जवाब नहीं दिया तो वह उसके पास गईं और सिर पकड़ कर उठाने की कोशिश की तो उनका हाथ खून से सन गया। यह देख वह चीख पड़ीं। चीख सुन आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। हत्या की सूचना के बाद पुलिस फोर्स के साथ कोतवाल मौके पर पहुंच गए। साथ ही फॉरेंसिक टीम भी घटना स्थल पर पहुंच कर साक्ष्य संकलन में जुट गई। सीओ ब्रजेश कुमार सिंह और एएसपी शशि शेखर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। गांव में भारी तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स को लगा दिया गया।
जमीन विवाद में हुई थी चचिया ससुर की हत्या, पैरवी में गई नंदिनी की जान
नंदिनी के घरवालों ने देर रात पुलिस को जो तहरीर दी उसके अनुसार, वह अपने चचिया ससुर बालकिशुन के मामले की पैरवी कर रही थी। बालकिशुन की कुछ दिन पहले डीघा रेलवे क्रासिंग के पास लाश मिली थी। आरोप है कि जमीन के विवाद में बालकिशुन की हत्या कर शव को ट्रैक पर फेंका गया था। नंदिनी उसी मामले में आरोपियों के खिलाफ पैरवी कर रही थी। घरवालों का कहना है कि इसी कारण बालकिशुन मामले के आरोपियों ने नंदिनी की भी हत्या कर दी। घरवालों का कहना है कि कुछ दिनों से नंदिनी को धमकी मिली रही थीं। जिसके बारे में उसने पुलिस को भी सूचना दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
छह घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को माने घरवाले
नंदिनी की हत्या के बाद गांव में सुभासपा के कई नेता पहुंच गए। वे और परिवारवाले हत्यारों पर कार्रवाई की मांग करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने का विरोध करने लगे। आला अधिकारियों के करीब छह घंटे चले मान मनौव्वल के बाद देर रात करीब 11 बजे परिवार वाले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने को राजी हुए तब जाकर माहौल थोड़ा शांत हुआ। हालांकि ऐहतियातन पुलिस बल गांव में तैनात है।
मासूम के सिर से उठ गया मां का साया
नंदिनी की शादी वर्ष 2013 में अच्छेलाल से हुई थी। दोनों का सात वर्ष का एक बेटा शिव है। नंदिनी के पति अच्छेलाल मेहनत मजदूरी करने परिवार का भरण पोषण करते हैं। छोटे से मकान पर नंदिनी व उसकी देवरानी व दो देवर व सास रहते हैं। एक जेठ का परिवार अलग रहता है। नंदिनी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।
कोतवाल हटाए गए, एसआईटी गठित
वहीं डीघा में नंदिनी के परिवारवालों ने बातचीत के बाद देर रात आईजी आरके भारद्वाज ने कोतवाल बृजेंद्र पटेल को तत्काल प्रभाव से हटा कर आईजी कार्यालय से संबद्ध कर दिया। मामले की जांच के लिए एसआईटी बना दी। इसके अलावा लापरवाही पर स्थानीय चौकी के सभी पुलिसकर्मियों और चौकी प्रभारी के खिलाफ जांच बैठा दी। सीओ खलीलाबाद के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं।