धनघटा। धनघटा के रजिस्ट्री कार्यालय भवन के निर्माण में पेंच फंसता नजर आ रहा है। रजिस्ट्री कार्यालय भवन को लेकर अधिवक्ता जहां 10 दिन से आंदोलित हैं, वही दान में मिली जमीन का मानक भी पूरा न होने की बात अधिवक्ता कर रहे हैं।
रविवार को धनघटा तहसील की वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम नारायण मिश्र ने बताया कि जो जमीन पर रजिस्ट्री कार्यालय भवन का निर्माण कराए जाने के लिए दान के रूप में दी गई है। वह जमीन रजिस्ट्री भवन के मानक को भी पूर्ण नहीं कर रही है, क्योंकि मानक 32 मीटर लंबा चौड़ा है और जमीन मौके पर 28 मीटर ही है। इसके अलावा अधिवक्ता प्रेम नारायण मिश्र बताते हैं कि जिस जमीन पर रजिस्ट्री कार्यालय भवन के निर्माण के लिए कथित भूमि पूजन किया गया है। उस जमीन पर पहले से ही किसी भी तरह के निर्माण का स्थगन आदेश न्यायालय ने दे रखा है।
बताया कि अधिवक्ताओं की मांग को नजर अंदाज करके कुछ अधिकारी शासन और प्रशासन को गुमराह करने में लगे हैं। अधिवक्ताओं का आंदोलन अब तभी खत्म किया होगा, जब रजिस्ट्री कार्यालय भवन का निर्माण धनघटा तहसील में उसके आसपास की जमीन पर शुरू कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि उप निबंधक कार्यालय भवन का निर्माण तहसील परिसर में कराने के लिए अधिवक्ता आर पार की लड़ाई शुरू कर दिए हैं। दस दिन से जहां न्यायिक कार्यों से विरत रह कर तहसील परिसर में धरना दे रहे हैं, वहीं अपनी मांग को लेकर अधिकारियों का दरवाजा भी खटखटा रहे हैं।