फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राचीन मंदिर मलबे में ढ़ेर: बाबा बैजनाथ मंदिर का शिखर गिरा, मलबे में दबी शिवलिंग-ग्रामीणों ने जताया आक्रोश

Sun, 19 Jul 2026 05:10 PM IST
Rohit Singh संवाद न्यूज एजेंसी, संतकबीर नगर

सार

मंदिर के पुजारी प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि रविवार सुबह प्रतिदिन की भांति बाबा बैजनाथ का पूजन-अर्चन किया गया था। गर्भगृह को सजाया गया और दर्जनों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इसके बाद वह अपने कमरे में बैठे थे, तभी अपराह्न करीब एक बजे अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो मंदिर शिखर सहित गिर चुका था और गर्भगृह मलबे से भर गया था।
विज्ञापन
बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर भरभराकर ढह गया - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

धनघटा तहसील क्षेत्र के बसवारी गांव स्थित प्रसिद्ध बाबा बैजनाथ धाम शिव मंदिर रविवार को अपराह्न करीब एक बजे अचानक भरभराकर ढह गया। मंदिर का शिखर सहित दीवार गिरने से गर्भगृह पूरी तरह मलबे से भर गया है। घटना के समय मंदिर के अंदर कोई श्रद्धालु मौजूद नहीं था।

विज्ञापन


इसकी सूचना मिलते ही डीएम आलोक कुमार, एसपी संदीप मीना, विधायक गणेश चंद्र चौहान तथा एडिशनल एसपी सुशील कुमार सिंह ने मंदिर का दौरा किया। बैजनाथ धाम मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे मंदिर की दीवारों में दरारें दिखाई दी थीं, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

करीब एक घंटे बाद अचानक मंदिर का शिखर धराशायी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मंदिर के पुजारी प्रहलाद गोस्वामी ने बताया कि रविवार सुबह प्रतिदिन की भांति बाबा बैजनाथ का पूजन-अर्चन किया गया था। गर्भगृह को सजाया गया और दर्जनों श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर जलाभिषेक भी किया।
विज्ञापन

जांच करने पहुंचे एसपी-डीएम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद वह अपने कमरे में बैठे थे, तभी अपराह्न करीब एक बजे अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो मंदिर शिखर सहित गिर चुका था और गर्भगृह मलबे से भर गया था। उन्होंने बताया कि मंदिर दशकों पुराना है। मरम्मत न होने के कारण यह जर्जर होता गया और रविवार को शिखर सहित मंदिर ढह गया।

बाबा बैजूनाथ शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मलबा हटवाने, मंदिर का तकनीकी परीक्षण कराने तथा ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण एवं पुनर्निर्माण की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें