मगहर महोत्सव में आकाशवाणी लखनऊ की कलाकार लोक गायिका रंजना अग्रहरी द्वारा गीत की प्रस्तुति करती
मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को महोत्सव के मुख्य मंच पर आकाशवाणी लखनऊ की कलाकार लोग गीत गायिका रंजना अग्रहरी ने लोग गीत व कबीर वाणी से श्रोताओं को खूब रिझाया। उनके गीतों पर पूरे पांडाल में बैठे श्रोता झूमते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत कबीर के दोहे से की। जिसके बोल थे कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हंसे हम रोये, ऐसी करनी कर चलो हम हंसे जग रोए, पोथी पढ़ी पढ़ी जग मुआ, पंडित भया न कोय सुनाकर कबीर की वाणी से श्रोताओं को रूबरू कराया। इसके बाद ऐसी बाणी बोलिए मन का आपा खोय, आपहु शीतल होय, बड़ा हुआ तो क्या हुआ जैसे पेड़ खजूर सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्गुण भजन कौनो ठगवा नगरिया लूटल हो, लूटल हो, कौनो ठगवा नगरिया लूटल हो सुनाकर श्रोताओं में भक्ति का भाव भर दिया। उन्होंने है गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ईबों, पिया से करे दे मिलनवा है राम खूबसूरत अंदाज में पेश किया।
इस मौके पर तहसीलदार जनार्दन मौर्य, अधिशाषी अधिकारी वैभव सिंह, प्रसिद्ध गायिका स्वीटी सिंह, महंत रामलखन दास उर्फ लालबा, संत केशव दास, भानु प्रताप सिंह, अवधेश सिंह, कानूनगो चन्द्र भूषण कन्नौजिया, कानूनगो अर्जुन पाठक, लेखपाल बुधिराम चौधरी, मेराज खान, गुलाम हुसैन आदि लोग मौजूद रहे।