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सपा कार्यकर्ताओं का जिले भर में प्रदर्शन

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सपा कार्यकर्ताओं का जिले भर में प्रदर्शन
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जनपद की तीनों तहसीलों पर कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर दिया ज्ञापन
जगह-जगह पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को रोकने का किया प्रयास
राज्यपाल को संबोधित 16 सूत्री मांगपत्र संबंधित एसडीएम को सौंपा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विपक्ष के प्रत्याशी, प्रस्तावकों, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार, बढ़ती महंगाई, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी आदि को लेकर बृहस्पतिवार को जिले की तीनों तहसीलों पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राज्यपाल को संबोधित 16 सूत्री मांगपत्र संबंधित तहसीलों के एसडीएम को दिया। इससे पूर्व पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जगह-जगह प्रदर्शन करने से रोका, फिर भी कार्यकर्ता पुलिस को चकमा देकर तहसीलों पर पहुंच गए।
खलीलाबाद तहसील पर प्रदर्शन कर रहे सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली खां ने कहा कि पुलिस ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को जबरदस्ती रोकने का प्रयास किया है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का हक सभी को है। एमएलसी संतोष यादव सन्नी ने कहा कि जिला पंचायत और प्रमुख के चुनाव में भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग किया। पूर्व जिलाध्यक्ष लोरिक यादव और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। इससे कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। इसका जवाब जनता 2022 के विधान सभा चुनाव में देगी। इस दौरान रामदरश यादव, सुनील सिंह, जावेद अहमद, आलोक यादव सोनू, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, श्याम जी विश्वकर्मा, मुहम्मद अहमद, कौशल चौधरी, रामनाथ चौरसिया, जिला पंचायत सदस्य शैलेंद्र यादव, फारूख खान, सैयद फिरोज अशरफ, अजीम खान, प्रबुद्घ प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय, कोमल यादव, अखिलेश चौधरी समेत अन्य मौजूद रहे।
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मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के नौदरी गांव से सपा के वरिष्ठ नेता जयराम पांडेय के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए तहसील पर ज्ञापन देने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने पर लाई। वहीं, पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं को तहसील के मुख्य द्वार पर नारेबाजी करते हुए पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्हें मेंहदावल थाने पर लाने की जगह किसी अन्य थाने पर ले जाया गया। वार्ड संख्या एक के जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अर्जुन यादव को भी पुलिस ने प्रदर्शन करने से रोक दिया। देर शाम तक पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को थाने में रोके रखा। इस दौरान सपा नेता अनवरूलहक, पूर्व प्रधान अब्दुल कलाम, अशोक यादव, प्रमोद यादव, पियारे यादव, संतोष साहनी आदि मौजूद रहे।
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धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार कार्यकर्ताओं ने तहसील पर प्रदर्शन करते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। धनघटा में सपा के लोग जब प्रदर्शन के लिए घर से निकलने को तैयार हुुए तो प्रमुख नेताओं के घर पुलिस धमक पड़ी। उन्हें घर पर ही रोकने की कोशिश की, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में कामयाब हो गए। पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने कहा कि कमर तोड़ महंगाई से देश और प्रदेश की जनता कराह रही है। डीजल और पेट्रोल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। जिला उपाध्यक्ष केडी यादव ने कहा कि सरकार के रोकने से सपा के सिपाही रुकने वाले नहीं हैं। आकंठ भ्रष्टाचार में डूबी सरकार को आने वाले चुनाव में जनता सबक सिखाएगी। इस मौके पर जयराम यादव, राजमन यादव, आद्या यादव, लालबहादुर यादव, रविंद्र राय, मास्टर लालजी, अनिल यादव, सोनू यादव, केशव राजभर आदि मौजूद रहे।
सपा की यह है प्रमुख मांग
1- किसानों की फसलों का लाभकारी मूल्य दें।
2- गन्ने का बकाया भुगतान 15 हजार करोड़ रुपये तत्काल दिए जाएं।
3-कृषि कानून तत्काल वापस लिया जाए।
4- डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस, खाद, बीज, कीटनाशक दवाएं, कृषि यंत्र इत्यादि पर बढ़ी दर पर रोक लगाई जाए।
5- बेरोजगार नौजवानों को रोजगार दिया जाए।
6- उत्तर प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
7- महिलाओं के साथ हो रहे अपराध पर रोक लगाई जाए।
8- सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं।
9- प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा किए जा रहे संगठित अपराध को बंद किया जाए।
10- प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
11- बढ़ते भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
12- कोरोना काल में हुए भ्रष्टाचार की जांच और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दें।
13- जिला पंचायत व प्रमुख चुनाव में हुई धांधली एवं हिंसा की जांच कराई जाए।
14- पत्रकारों पर हो रहे हमले और हत्याओं पर रोक लगाई जाए।
15- दलित वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग पर हो रहे अत्याचार बंद हों।
16- पिछड़े वर्ग को अनुमन्य 27 प्रतिशत आरक्षण में कटौती बंद हो।
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