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कहीं चहारदीवारी तो कहीं बिजली व पानी का अभाव

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महुआरी गांव में बदहाल एएनएम सेंटर। - फोटो : KHALILABAD
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कहीं चहारदीवारी तो कहीं बिजली व पानी का अभाव
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जिले में स्वास्थ्य उपकेंद्रों की नहीं बदली तस्वीर
-किराए के भवन में संचालित अस्पतालों के किराए का भुगतान नहीं
संतकबीरनगर। जिले में स्वास्थ्य उपकेंद्रों की तस्वीर अब भी नहीं बदली है। कहीं चहारदीवारी नहीं है तो कहीं पानी व बिजली का संकट बना हुआ है। किराए के भवन में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर बजट के अभाव में बंदी की तलवार लटकी हुई है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने की मंशा पर पानी फिर रहा है।
जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कुल 251 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसमें से 31 स्वास्थ्य उपकेंद्रों के भवन जर्जर हो चुके हैं। जिन्हें निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया है। इसमें खलीलाबाद विकास खंड के दुधरा, मगहर, बड़गो, कोल्हुआ, बघौली ब्लॉक के अमाएं, महनी, परदेशवा, धनखिरिया, पचपोखरी, बकहा, हैंसर बाजार के चपरापूर्वी, तामा, दौलतपुर, बभनौली, मलौली, मेंहदावल ब्लॉक के भिटियाकला, परसा पांडेय, रानीपुर, सांथा ब्लॉक के मोतीपुर, लोहरसन, सेमरियावां ब्लॉक के ऊंचहराकला, कांटेधीश, बेलहरकला के मंझरिया पठान, रमवापुर, पिपरा प्रथम, भेडौरा पिकौरा, पौली ब्लॉक के शिवबखरी, रोसयाबाजार, नाथनगर ब्लॉक के महुली, मुडियारी शामिल हैं। इसके साथ ही कई स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर बिजली व पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है। इसमें खलीलाबाद ब्लॉक के मीरगंज, डड़वा, सिकरी, गड़सरपार, बनकटिया, अशरफाबाद, बड़गो, देवरियागंगा, गिरधरपुर, कर्री, बढै़यपुरवा आदि उपकेंद्र शामिल हैं। यही नहीं अधिकतर स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर चहारदीवारी भी नहीं है। जिससे सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।
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शासन के निर्देश पर जिले में 68 स्वास्थ्य उपकेंद्र पिछले सत्र में शुरू हुए हैं। नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को अभी किराए के भवन में संचालित किया जा रहा है, लेकिन संकट यह है कि करीब दस माह बाद भी किराए का भुगतान नहीं हो सका है। इस कारण मकान मालिक उपकेंद्रों के संचालन में रोड़ा बन रहे हैं। भगता उपकेंद्र को बांस-बल्ली लगाकर बंद कर दिया गया है।
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इस संबंध में अपर सीएमओ डॉ. मोहन झा ने कहा कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जो स्वास्थ्य उपकेंद्र निष्प्रयोज्य घोषित किए गए हैं, उनके लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जबकि जहां बिजली कनेक्शन नहीं है, संबंधित अधीक्षकों को इसकी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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