मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के अंतिम दिन रविवार की शाम अंतरराष्ट्रीय गजल गायक कमाल खान ने व गायिका काजल ने अपनी गजलों पर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। कलाकार को मगहर महोत्सव समिति की ओर से अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन स्वीटी सिंह,प्रदीप त्रिपाठी ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कमल खान ने मशहूर गजल ...किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है...प्रस्तुत कर श्रोताओं को गुनगुनाने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद ...फिर छिड़ी बात रात फूलों की, आपका साथ साथ फूलों का आप की बात बात फूलों की...सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद गजल गायक गुलाम अली की गजल ...चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है, हमको अपनी आशिकी का ओ जमाना याद है...सुनाया। इसके बाद श्रोताओं की फरमाइश पर ...याद आता है तो फूलों सा महकना तेरा, तेरी गलियों में फिर से ओ बे पर्दा महकना तेरा... सुनाया तो श्रोता झूम उठे। ...झुकी झुकी सी नजर बेकरार है कि नहीं..., ...हम तेरे शहर में आए हैंं मुसाफिर की तरह... सिर्फ एक बार मुलाकात का मौका दे दे...खूबसूरत आवाज में पेश किया। गायिका काजल की प्रस्तुति सराही गई।
इस मौके पर महोत्सव सहायक रंजीत गुप्ता, महंत विचारदास,रामलखन दास उर्फ लाल बाबा,डाक्टर हरिशरण शास्त्री, चेयरमैन प्रतिनिधि नुरुज्जमा अंसारी,सभासद अवधेश सिंह,मेहदी हसन,मेराज खान,अहमद खान,अहमद अली आदि मौजूद रहे।
कमाल खान को मिल चुका यश भारती
मगहर।मगहर महोत्सव में आये मशहूर गजल गायक कमाल खान लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने, गदर एक प्रेम कथा,,फ़िल्म में न स्क्रीन ठुमरी गीत गाया है। साथ ही 40वर्षों से गजल गायकी में शानदार मुकाम हासिल किया है। वे हिंदुस्तान से बाहर बहरीन, दुबई सहित कई देशों में अपनी गजल गायकी में नाम किया है। उन्हें उत्तरप्रदेश के सर्वोच्च सम्मान यश भारती मिल चुका है। महोत्सव में उनके साथ संगत कलाकारों में की बोर्ड पर नविंदर बर्मा, गिटार पर महेंद्र सिंह, तबला पर राजीव थापा, फीमेल गायिका काजल ने साथ निभाया।
महोत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन करते कलाकार-संवाद- फोटो : मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए कतार में लगे मरीज व तीमारदार।