धर्मसिंहवा। जिले में पराली जलाने वालों पर नकेल नहीं कसी जा रही है। पराली जलाने का काम लगातार किया जा रहा है। पिछले दिनों अभी तक तीन लोगों की फसल भी बर्बाद हो चुकी है।
इसके साथ ही पराली के जलने से प्रदूषण भी हो रहा है। इसका प्रतिकूल असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी हो रहा है। प्रशासन के निर्देश के बावजूद किसान खेतों में पराली जलाने से हिचक नहीं रहे हैं। बृहस्पतिवार को मेंहदावल तहसील क्षेत्र के कई स्थानों पर दिन में पराली जलाते हुए देखा गया। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के बेलराई, हकीमराई, महदेवा नानकार, बौरव्यास, सेवाइचपार, पुनया, करहना, अमरहा सहित अन्य स्थानों पर बृहस्पतिवार को किसान पराली जलाते हुए देखें गए। शासन में प्रशासन द्वारा खेतों में पराली जलाना कितना नुकसानदेह है, इसका प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। कई स्थानों पर जुर्माने तक की कार्रवाई की गई।
बावजूद इसके किसान थोड़े से फायदे के लिए खेतों में ही पराली जला दे रहे हैं। वहीं धनघटा क्षेत्र में तीन खेतों की फसल भी जल चुकी है। इस संबंध में एसडीएम मेंहदावल संजीव कुमार राय ने बताया तहसील के राजस्व कर्मी सूचना प्राप्त होने पर पराली जलाने की रिपोर्ट कर रहे हैं। आरोपी किसानों के खिलाफ तहसील प्रशासन द्वारा विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है।