संतकबीरनगर में मुठभेड़ में घायल दरोगा।
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एसओ व तस्कर को घुटने के नीचे गोली लगना संयोग या कुछ और?
धनघटा (बस्ती)। जिगिना ताल के पास पुलिस और पशु तस्करों के बीच हुए मुठभेड़ में एसओ धनघटा और एक तस्कर के दाहिने पैर के घुटने में गोली लगना किसी के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। लोगों के बीच उठ रही चर्चाओं की मानें तो जिस स्थान पर पुलिस मुठभेड़ दिखा रही है, उस स्थान पर इतना सटीक निशाना लगना समझ से परे है।
धनघटा क्षेत्र से पशुओं को लेकर तस्करों का आना-जाना लगा रहता है। पुलिस पशुओं से लदे ट्रक और बोलेरो सवार तस्करों को पकड़ने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। इस बात की पुलिस को वाहवाही तो लोग दे रहे हैं, लेकिन नेतवापुर से करीब 15 किलोमीटर दूर जिगिना ताल में तस्करों का भागना और खुले मैदान में पुलिस से मुठभेड़ होने पर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सुबह छह बजे के करीब थाने पर पशुओं से लदा ट्रक और एक बोलेरो देखा गया था। ट्रक तो थाने में था, लेकिन बोलेरो आठ बजे के बाद नहीं दिखी। करीब नौ बजे जिगिना गांव के पास ताल में गोली चलने की आवाज गांव वालों ने जरूर सुनी। इस पर अगल-बगल गांव के लोग ताल पर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें सड़क पर ही रोक दिया। उसके बाद शोर हुआ की एसओ और एक तस्कर गोली लगने से घायल हो गए हैं। दिन के उजाले में पुलिस की कार्रवाई तरह-तरह की चर्चाओं को जन्म दे रही है। हालांकि घायल एसओ रणधीर कुमार मिश्र ने बताया कि पशु तस्करों के बहुत बड़े गिरोह से मुठभेड़ हुआ है, जिस तस्कर को गोली लगी है, वह तस्करों का सरगना है।