संतकबीरनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की नई व सख्त नीति जारी की है। अब तक परीक्षा केंद्र तय करने में केवल स्कूल भवन, कमरों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं को ही आधार माना जाता था लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब विद्यार्थियों की शैक्षणिक मेधा और उनकी ऑनलाइन उपस्थिति भी केंद्र चयन में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
नई नीति के अनुसार, विद्यालयों की रैंकिंग और रेटिंग तय करने में बायोमेट्रिक या ऑनलाइन माध्यम से दर्ज की जाने वाली दैनिक उपस्थिति प्रमुख आधार होगी। जिन स्कूलों में लगातार 180 दिनों तक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज हुई होगी, उन्हें परीक्षा केंद्र सूची में प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा, मेधावी छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा अंकों को भी स्कूल की रेटिंग में जोड़ा जाएगा। पारदर्शिता और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासकीय (राजकीय) और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को पहली वरीयता दी जाएगी। संवाद