- पूर्ण हो चुकी हैं परियोजनाएं, लोकार्पण का इंतजार
रोडवेज बस अड्डा व मेडिकल कॉलेज बनाने की परियोजना अधर में
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले की छह ऐसी परियोजनाएं हैं जो पूर्ण हो चुकी हैं, लेकिन उनका लोकार्पण अभी तक नहीं हो पाया है। इस बीच लोकसभा चुनाव को देखते हुए दस मार्च तक आचार संहिता लगने की संभावना है। ऐसे में आचार संहिता लागू होने से पूर्व लोकार्पण नहीं हुआ तो ये परियोजनाएं लटक जाएंगी। इससे लोगों को परियोजनओं से होने वाले लाभ से वंचित होना पड़ेगा।
छह माह पूर्व बनकर तैयार पार्क
शहर में लोगों के लिए बीएसए कार्यालय के पास पार्क बनाया गया है। इस पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। करीब छह माह पहले पार्क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक इसका लोकार्पण नहीं हो सका है। जिसके कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बीच आचार संहिता लागू हो गई तो फिर करीब छह माह तक लोगों को पार्क का इंतजार करना पड़ सकता है।
राजकीय पुस्तकालय बने बीत गए एक साल
शहर में विकास भवन के पास राजकीय पुस्तकालय बनाया गया है। मंशा है कि लोगों को यहां पर पढ़ने के लिए अच्छी किताबें मिलेगी। करीब 50 लाख रुपये निर्माण पर खर्च हुए हैं। इसे बने करीब एक साल बीतने को हैं, लेकिन इसका लोकार्पण नहीं हो सका है। जिसके कारण शहरवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कस्तूबा गांधी छात्रावास भी है तैयार
शहर के जूनियर हाईस्कूल परिसर में कस्तूबा गांधी छात्रावास का निर्माण कराया गया है। इस पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। छात्रावास भवन बनकर तैयार हुए छह माह हो चुका है, लेकिन लोकार्पण की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में कस्तूबा आवासीय विद्यालय की छात्राओं को आवास की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सेमरियावां आईटीआई नहीं हुआ हैंडओवर
सेमरियावां ब्लॉक मुख्यालय पर आईटीआई का निर्माण कराया गया है। उम्मीद थी कि यहां क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी। भवन बनकर तैयार भी हो चुका है, लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। आचार संहिता लागू होने पर हैंडओवर की प्रक्रिया फंस सकती है। युवाओं को शैक्षिक सत्र में इसके लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है।
शिवबखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार, हैंडओवर नहीं
पौली विकास खंड के शिवबखरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बन रहा है। यहां शनिचरा का अस्पताल शिफ्ट होना है। भवन बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन अभी तक हैंडओवर नहीं हुआ है। साढ़े चार करोड़ की लागत से बने भवन का आचार संहिता लगने से पहले हैंडओवर नहीं किया गया तो इसके लिए भी इंतजार करना पड़ेगा।
डायट में बने प्रशिक्षण हाॅल का भी होना है लोकार्पण
डायल में शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए हाॅल का निर्माण कराया गया है। इस पर करीब 80 लाख रुपये खर्च हुए हैं। प्रशिक्षण हाॅल बने करीब दो माह बीत चुके हैं, लेकिन अभी लोकार्पण का इंतजार किया जा रहा है।
रोडवेज बस अड्डा व मेडिकल कॉलेज का होना है शिलान्यास
शहर के मीरगंज में रोडवेज बस अड्डे की स्वीकृति मिली है। प्रशासन ने परिवहन निगम के नाम चार एकड़ जमीन खतौनी में दर्ज करा दी है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के लिए भी जमीन मिल चुकी है। यहां भी काम शुरू होना है, लेकिन शिलान्यास नहीं हो सका है। आचार संहिता लागू होने से पूर्व शिलान्यास नहीं हुआ तो यह दोनों परियोजनाएं अधर में लटक सकती है।
आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही पूरी हो चुकी परियोजनाओं के लोकार्पण का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही रोडवेज बस डिपो और मेडिकल कॉलेज के शिलान्यास की भी तैयारी है।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम