आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में बिजली न पानी, एक चिकित्सक के भरोसे दो अस्पताल, मरीज होते हैं परेशान
हरिहरपुर। क्षेत्र के आयुर्वेदिक अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं नदारद हैं। महुली के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में बिजली और पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि हरिहरपुर में पेयजल की व्यवस्था नहीं है। दोनों अस्पतालों की जिम्मेदारी एक ही चिकित्सक के भरोसे है।
महुली और हरिहरपुर इलाके के लोगों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा मुहैया कराने के उद्देश्य से सरकार ने अस्पतालों को अपग्रेड कर चिकित्सा के साथ ही योग की भी सुविधा मुहैया कराई है। इसके लिए आयुर्वेदिक अस्पतालों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया गया है। इसके लिए अस्पतालों में योग प्रशिक्षक के साथ योग के उपकरण भी मुहैया कराए गए हैं। कोरोना के बाद आयुर्वेद की ओर लोगों का रुझान बढ़ा है, लेकिन आयुर्वेदिक अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं अब भी नदारद हैं।
इसकी बानगी महुली और हरिहरपुर के आयुर्वेदिक अस्पतालों में देखने को मिल जाएगी। परिजन की दवा कराने अस्पताल आए तीमारदार सुरेंद्र, अनिल, रघुपति यादव ने बताया कि महुली का आयुर्वेदिक अस्पताल काफी पुराना है। बुजुर्गों व बीमार लोगों को योग के जरिये चिकित्सा करने की सुविधा भी है, लेकिन यहां बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं।
लोगों का कहना है कि गर्मी में अस्पताल में बिजली और पेयजल की सुविधा न होने से तैनात चिकित्साकर्मी के साथ ही मरीज और उनके साथ पहुंचने वाले लोगों को दिक्कत होती है। महुली में अस्पताल के बाहर लगा हैंडपंप दो साल से प्रदूषित पानी दे रहा है। हरिहरपुर के आयुर्वेदिक अस्पताल में भी पेयजल की सुविधा नहीं है। यहां तैनात चिकित्साकर्मी अपने साथ पानी लेकर अस्पताल आते हैं।
स्थानीय व्यापारी नेता दीपक वर्मा, व्यापारी सुरेंद्र कुमार मद्धेशिया, मिश्रीलाल ने अस्पताल पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है।