सांथा। क्षेत्र के ग्राम पंचायत रमवापुर सरकारी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली का शिकार है। एक चिकित्सक के सहारे मरीजों का इलाज हो रहा। है।
क्षेत्र के लगभग 20 हजार मरीजों का जिम्मा एक ही चिकित्सक पर है। बेहतर इलाज की सुविधा न मिलने से मरीजों को अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। इसके साथ ही चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए बने आवास भी जर्जर हो गए हैं, जिसकी वजह से रात में कोई आवास पर रुकता नहीं है। अस्पताल परिसर में सुलभ शौचालय का अभाव होने से खास तौर पर रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रात में आने वाले मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र के रमवापुर सरकारी, पहनाया, मीरापुर, गोबडौरी,लहपुरवा, घटरमा, प्रसादपुर,जोगीबीर, गोपालपुर समेत गांव के लोगों को नजदीक में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगभग 30 वर्ष पूर्व शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमवापुर सरकारी गांव के पंचायत भवन में खोला। यहां पर एक चिकित्सक तथा एक फार्मासिस्ट समेत पांच कर्मचारियों का पद स्वीकृत है। मौजूदा समय में मात्र एक चिकित्सक के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। डाक्टर समेत कर्मचारियों के लिए बना आवास र्जजर हालत में है।
पीएचसी रमवापुर सरकारी में चिकित्सकों की कमी है, अधिकारियों को जानकारी दी गई है। बाकी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डाॅ. राजेश चौधरी, अधीक्षक, सीएचसी सांथा