रविवार को महुली थाना क्षेत्र के झिुंगुरापार गांव के ग्रामीणों ने महुली बारडीहा मार्ग पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तीन चार दशक पूर्व लगाया गया विद्युत तार पूरी तरह जर्जर हो गया है। जिससे आए दिन तार टूट कर गिर जा रहे है और आपूर्ति बाधित हो जा रही है। इससे कभी भी अप्रिय घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने जर्जर तार बदलने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात्रि लगभग दस बजे झिंगुरापार गांव में दिग्विजय यादव पुत्र छोटेलाल यादव के घर के ऊपर से गया 11000 वोल्ट का विद्युत तार टूटकर गिर गया। घर की छत पर रखी सूखी लकड़ियों पर तार टूटते समय हुई स्पार्किंग से निकली चिंगारी से आग लग गई। इससे गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना मुखलिसपुर विद्युत उपकेंद्र पर दिया गया। सूचना पर तत्काल विद्युत सप्लाई बंद कर दिया गया। ग्रामीणों ने आग बुझाने के साथ ही तार समेट कर एक तरफ रख दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्युत तार बटोर कर रखे ही थे कि विद्युत सप्लाई चालू कर दी गई। जिससे वहां मौजूद कुछ ग्रामीण उसके चपेट में आने से बाल बाल बचे। गांव के सुनील कुमार, रामवचन, दिग्विजय यादव, गणेश कुमार, रमेशचंद, गणेश कुमार आदि का आरोप है कि विगत तीन चार दशक पूर्व लगा विद्युत तार पुरी तरह जर्जर हो चुका है। विभाग इन जर्जर विद्युत तारो पर सप्लाई कर रहा है। कई बार तार बदलने की मांग की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने जर्जर विद्युत तार जल्द से जल्द बदलने की मांग की है।