सिरसी में बनकर तैयार अग्निशमन केंद्र।
लोहरैया। धनघटा तहसील क्षेत्र के सिरसी में वर्ष 2019 से निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र का कार्य पूरा हो गया है। 720.28 लाख लागत से करीब सात वर्षों के इंतजार के बाद क्षेत्रवासियों को अब आगजनी की घटनाओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्र के तैयार होने से क्षेत्र के लगभग 200 गांवों को लाभ मिलेगा। अब कहीं भी आग लगने की सूचना मिलने पर सिरसी स्थित अग्निशमन केंद्र से दमकल वाहन तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किए जा सकेंगे।
इससे आग पर शीघ्र काबू पाने में मदद मिलेगी और जानमाल के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकेगा। द्वाबा क्षेत्र में प्रतिवर्ष गेहूं की फसल पकने और कटाई के दौरान आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। अब तक दूरस्थ स्थानों से दमकल वाहन पहुंचने में देरी होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था। सिरसी में अग्निशमन केंद्र की स्थापना से इस समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
अग्निशमन केंद्र का निर्माण होने से क्षेत्रीय लोगों में खुशी है। सिरसी निवासी त्रिशूल धारी राय, ददरवार निवासी अजय गौड़, डिहवा निवासी चंदन, घोरांग निवासी सच्चिदानंद निगम, जिगिना निवासी राधेरमण शुक्ला, सियर निवासी राममिलन, बभनौली निवासी रामानंद, औराडाड़ निवासी मौजनाथ कसौधन का कहना है कि अब आग लगने की स्थिति में समय पर सहायता मिल सकेगी। एफएसएसओ अशोक यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा निर्मित इस अग्निशमन केंद्र को जल्द ही अग्निशमन विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।