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Sant Kabir Nagar News: गैर इरादतन हत्या के मामले में सात आरोपी दोषमुक्त

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संवाद न्यूज एजेंसी
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संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के प्रयास व दंगा करने मामले में आरोपी बनाए गए रिंकू उर्फ तारकेश्वर, दिलीप, राकेश, कुलदीप उर्फ श्रीभागवत, भुअर उर्फ उनिराज, मैना देवी, गीता देवी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
घटना 8 मई 2018 को दिन के 4:00 बजे की है। वादी मुकदमा कैलाश ने थाना कोतवाली में नौ मई 2018 को प्रार्थना पत्र दिया कि उसके बड़े भाई खदेरू के बच्चों एवं ग्राम बन्नोहिया निवासी रिंकू के बच्चों के बीच हुए विवाद में सुलह समझौता करने हेतु दिन के समय करीब 4:00 बजे पहुंचा था।
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रिंकू उसके भाई खदेरू को अपशब्द कहते हुए रिंकू ने दिलीप, राकेश, कुलदीप, प्रमेश, भुअर, नैना देवी और गीता को बुला लिया और उनके भाई खदेरू को मारापीटा। उसी दिन जिला अस्पताल इमरजेंसी वार्ड में उन्हें भर्ती कराया गया था।
कोतवाली खलीलाबाद में रिपोर्ट दर्ज हुई। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया। आरोपियों ने आरोप से इनकार कर विचारण की मांग की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर प्रमेश और गीता की पत्रावली अलग कर दी गई थी। इस दौरान विचारण प्रमेश पुत्र चन्दर की मृत्यु हो गई।
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अभियोजन की ओर से तीन गवाह और 12 अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे, परंतु वादी मुकदमा का बयान आत्म विरोधाभासी होने के कारण आरोप को साबित करने में अभियोजन नाकामयाब रहा। इसलिए साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए रिंकू उर्फ तारकेश्वर, दिलीप, राकेश, कुलदीप उर्फ श्रीभागवत, भुअर उर्फ उनिराज, मैना देवी और गीता देवी निवासी बननोहियां थाना कोतवाली खलीलाबाद को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम गजेंद्र की अदालत ने बरी कर दिया।
साथ ही साथ न्यायालय में झूठी गवाही देने के लिए न्यायालय में प्रकीर्णवाद दर्ज करके नोटिस जारी करने का भी आदेश दिया।
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