- पौली ब्लॉक प्रमुख और भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने शासन से की है शिकायत
- एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित
- बीडीओ व ग्राम विकास अधिकारी की मनमानी तैनाती के साथ लगाए है गंभीर आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पौली ब्लॉक प्रमुख और भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने सीडीओ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिकायत पत्र भेजकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। शासन के निर्देश पर डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जो एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
पौली ब्लॉक प्रमुख राम मिलन यादव ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि क्षेत्र को आकांक्षा ब्लॉक के रूप में चयनित किया गया है। यहां पर तैनात बीडीओ को अन्य ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार नहीं दिया जा सकता। लेकिन सीडीओ ने निर्देशों की अवहेलना करते हुए पौली ब्लॉक के बीडीओ विवेकानंद मिश्र को नाथनगर के मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी का कार्यभार तीन माह से दे रखा है। जबकि दो अन्य पूर्णकालिक बीडीओ को ग्राम्य विकास विभाग के शासनादेश का उल्लंघन करते हुए डीडीओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। बीडीओ पौली से कुछ धन लेते हुए उन्हें पूर्णकालिक बीडीओ की उपलब्धता होने के बावजूद नाथनगर मनरेगा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। उन्होंने सीएम से सीडीओ को जिले से स्थानांतरित करने की मांग की है।
इसी क्रम में भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सर्वेश त्रिपाठी ने अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज और प्रमुख सचिव राज्य योजना आयोग को पत्र भेजकर कहा है कि सीडीओ संत कुमार के जरिए जिले में व्यापक स्तर पर संगठित भ्रष्टाचार फैलाया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिवों के क्लस्टर आवंटन में अनियमितता बरती गई है। सचिवों से धनऊगाही करके मनचाहा क्लस्टर आवंटन किया गया है।
इसी तरह से जिले के कई बीडीओ जनता दर्शन नहीं करते हैं। उनको सीडीओ का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही अतिरिक्त डीपीआरओ को शासनादेश के विरूद्ध वित्तीय चार्ज दे दिया है। भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सर्वेश त्रिपाठी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
शासन के निर्देश पर डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। जिसमें एडीएम, वरिष्ठ कोषाधिकारी और प्रभागीय वनाधिकारी शामिल हैं। टीम को एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
सीडीओ पर जो आरोप लगे हैं उसकी जांच के लिए एडीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है, टीम एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। विभाग में नियमानुसार कार्य किए जा रहे है। जांच में सच सामने आएगा।
- संत कुमार, सीडीओ