संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर/ मेंहदावल। जिले के सभी 1146 परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 1.17 लाख विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्हें गुड टच-बैड टच और बाल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
विद्यालयों में यह पहल स्वस्थ सीमाओं और आत्म-सम्मान को बढ़ावा देती है, जो बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके अलावा बच्चों और भरोसेमंद वयस्कों के बीच खुला संवाद प्रोत्साहित करती है।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि जागरूकता से बच्चों को स्वयं की रक्षा करने व सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में मदद कर सकते हैं। एक ऐसा सहयोगी जागरूक समुदाय बनाना जहां बच्चे सुरक्षित और आत्मविश्वासी महसूस करें।
अपनी चिंताओं को खुलकर व्यक्त कर सकें व आवश्यकता पड़ने पर सहायता प्राप्त कर सकें। हम अपने विद्यार्थियों की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं और उन्हें विकास और उन्नति के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस मुहिम का उद्देश्य बच्चों को डराना नहीं है। इसका लक्ष्य उन्हें सतर्क और आत्मविश्वासी बनाना है। बच्चों को सरल भाषा में सही और गलत स्पर्श की पहचान सिखाई जाएगी। उन्हें निजी सीमाओं की समझ और असहज स्थितियों से निपटने के तरीके भी बताए जाएंगे।
यह कार्यक्रम पढ़ाई के साथ-साथ आत्मसुरक्षा का पाठ भी पढ़ाएगा। विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाएगा कि वे किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी बिना डरे अपने अभिभावकों या शिक्षकों को दें। उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। इस पहल के लिए शैक्षिक कैलेंडर में विशेष सत्र शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे किसी भी परिस्थिति में चुप न रहें। वे समय पर मदद ले सकें।