12.25 बजे निधुरी चौराहे पर पिकेट पर नहीं मिला कोई कांस्टेबल
सांथा। लोग अपनी जमा पूंजी को सुरक्षित करने के लिए बैंकों को सबसे उपयुक्त मानते हैं लेकिन क्षेत्र की बैंक शाखाओं की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। रात 12 बजे के बाद ज्यादातर बैंक शाखाओं में सुरक्षा गार्ड नहीं मिले। यही स्थिति एटीएम बूथों की भी है। वहीं, पिकेट की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी होमगार्ड के हवाले है।
बता दें कि सांथा क्षेत्र में आधा दर्जन बैंकों की शाखाएं हैं। सभी शाखाओं में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं लेकिन सुरक्षा गार्ड नहीं हैं। शुक्रवार की देर रात बेलहर थाना क्षेत्र में रिमझिम बारिश हो रही थी और पुलिस पिकेट ड्यूटी से लापता थे। केवल एक जगह दो कांस्टेबल ड्यूटी करते मिले। एसओ बेलहर श्याम मोहन हमराहियों के साथ गश्त करते हुए सांथा-बांसी मार्ग निघुरी चौराहे पर मिले। संवाद टीम ने बेलहर थाना क्षेत्र के पिकेट और बैंकों के सुरक्षा की पड़ताल की तो स्थित कुछ यूं सामने आई।
होमगार्ड तो मिले कांस्टेबल लापता
रात 12:10 बजे : बेलहर थाना क्षेत्र के गनवरिया चौराहा पर पुलिस पिकेट की ड्यूटी लगती है। मौके पर तीन होमगार्ड विवेकानंद शुक्ला, श्रीकृष्ण यादव, श्रीचंद्र उपाध्याय जिम्मेदारी संभाल रहे थे। लेकिन कांस्टेबल मौजूद नहीं मिले। पूछने पर गार्ड ने बताया कि कांस्टेबल के बारे में जानकारी नहीं है। चौराहे के आस-पास कई बैंक भी हैं।
रात 12:15 बजे : गनवरिया चौराहे से 250 मीटर की दूरी पर नंदौर मार्ग पर यूनियन बैंक व भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं हैं। यहां सन्नाटा पसरा हुआ था सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। आसपास कोई पुलिसकर्मी भी नहीं दिखा। रात 12: 25 बजे निधुरी चौराहे पर पुलिस पिकेट का कोई सिपाही या होमगार्ड नहीं दिखा। इसी दौरान गोईठहा की तरफ से एसओ बेलहर श्याम मोहन हमराहियों के साथ गश्त करते हुए दिखाई दिए।
रात 12:35 बजे : गोईठहा चौराहे पर हेड कांस्टेबल विजय सिंह और कांस्टेबल रविन्द्र कुमार निषाद ड्यूटी के दौरान मुस्तैद दिखे। इस दौरान उन्होंने टीम के सदस्यों को रोककर जानकारी ली। 12:55 बजे लोहरसन चौराहे पर एक यूपी ग्रामीण बैंक है। यहां कोई भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं मिला। बैंक पर भी कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं मिला।