मेंहदावलव। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत डुमरिया बाबू गांव में लगभग 70 एकड़ पट्टे की भूमि को एसडीएम मेंहदावल संजीव कुमार राय ने खारिज कर दिया है। अब यह भूमि राप्ती नदी के मूल खाते में दर्ज होगी। तहसीलदार मेंहदावल अल्पिका वर्मा को इस भूमि से अवैध कब्जा हटवाने का निर्देश दिया गया है।एसडीएम के इस फैसले से नदी की भूमि पर अवैध कब्जा किए लोगों में हड़कंप मची हुई है। मेंहदावल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत डुमरिया बाबू में लगभग 200 लोगों को 50 वर्ष पूर्व 70 एकड़ भूमि का आसामी पट्टा गलत तरीके से आवंटित किया गया था। यह नदी की भूमि थी, जिसकी वजह से पट्टा आवंटित करना अवैध था। इस मामले में गत वर्ष 1998 में उपजिलाधिकारी की कोर्ट ने अवैध पट्टा निरस्त किया था तथा कब्जा हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन दो दशक तक लोगों ने नदी की भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया।
तहसील प्रशासन का दबाव बढ़ा तो इस मामले में गत वर्ष 2024 में कायमी देकर लोगों ने मामले को लटका दिया। पिछले एक वर्ष से तहसील प्रशासन इस कायमी पर सुनवाई कर रहा था। इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए बुधवार को 70 एकड़ भूमि से सभी अवैध पट्टे को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए नदी के मूल खाते में दर्ज करने का निर्देश दे दिया है।
तहसील प्रशासन ने कायमी में दिए गए सभी तर्कों को बलहीन माना है। तहसीलदार मेंहदावल को कब्जा बेदखल करते हुए एसडीएम न्यायालय को एक सप्ताह के भीतर सूचना देने का निर्देश दिया है।