धनघटा में बैठक के दौरान मौजूद अधिवक्ता
धनघटा। एक सप्ताह के लिए कोर्ट चलाने के समझौते के बीच एसडीएम पर अधिवक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं ने डीएम से दोबारा वार्ता होने तक कार्य ठप रखने का एलान किया।
तहसील बार एसोसिएशन धनघटा ने शुक्रवार को अधिवक्ता हॉल में एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर तहसील परिसर स्थित सभी न्यायालयों के न्यायिक कार्य से पूर्ण व अनिश्चितकालीन बहिष्कार का निर्णय लिया गया। वकीलों के इस कड़े रुख के बाद तहसील के अधिकारियों में खलबली मच गई है।
अधिवक्ताओं के अनुसार नौ मई को डीएम की अध्यक्षता में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्यों और जिला बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के बीच अहम वार्ता हुई थी। इस वार्ता में तय हुआ था कि गतिरोध को दूर करने के लिए आपसी बातचीत जारी रहेगी और इस बीच एक सप्ताह के लिए न्यायालयों का संचालन सुचारु रूप से किया जाएगा।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि जब तय समझौते के तहत कोर्ट में कामकाज सुचारू रूप से चल रहा था, आरोप है कि इसी दौरान एसडीएम धनघटा ने अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महामंत्री के हस्ताक्षर से जारी आधिकारिक प्रस्ताव में कहा गया है कि जब तक इस पूरे विवाद के समाधान को लेकर दोबारा डीएम के साथ सकारात्मक वार्ता नहीं हो जाती, तब तक तहसील धनघटा परिसर के समस्त न्यायालयों का न्यायिक कार्य पूरी तरह बहिष्कृत रहेगा। वकीलों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से तहसील में दूर-दूर से आने वाले वादकारियों और फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा।
इस मौके पर अधिवक्ता लाल शरण सिंह, प्रेम नारायण मिश्र, सुनील राय, अरविंद लाल श्रीवास्तव आदि लोग मौजूद रहे।