संतकबीरनगर। माध्यमिक स्कूलों में परीक्षा शुल्क के नाम पर बोर्ड ओर से निर्धारित फीस से अधिक वसूली की शिकायतें आ रही है। जिसके बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है। निर्धारित शुल्क के अलावा अन्य कोई भी शुल्क नहीं वसूला जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो विद्यालय की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने मान्यता प्राप्त हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेजों में लगने वाले परीक्षा शुल्क की सूची वेबसाइट पर पहले ही अपलोड कर दी है। इसके बाद भी निजी विद्यालय प्रबंधक बोर्ड की ओर से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक परीक्षा शुल्क वसूल रहे है। अभिभावकों की मानें तो टीसी का निर्धारित शुल्क 100 रुपये है, लेकिन निजी स्कूलों में टीसी पर काउंटर हस्ताक्षर के नाम पर एक हजार रुपये वसूला जा रहा है। इसी तरह से बोर्ड की फीस भी अधिक ली जा रही है।
डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट का परीक्षा शुल्क निर्धारित है। इससे अधिक कोई भी विद्यालय शुल्क नहीं ले सकता है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके प्रबंधक पर कार्रवाई के साथ ही मान्यता रद्द करने की रिपोर्ट की जाएगी।
अभिभावक करें शिकायत तो होगी कार्रवाई
डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि सत्र 2024-25 में हाईस्कूल के लिए परीक्षा शुल्क संस्थागत 50075 रुपये, क्रेडिट सिस्टम 20070 रुपये, व्यक्तिगत 706 रुपये, क्रेडिट सिस्टम 306 रुपये, अतिरिक्त विषय 206 रुपये निर्धारित है। जबकि, 12वीं का परीक्षा शुल्क संस्थागत 60075 रुपये, व्यवसायिक 60075 रुपये, व्यवसायिक अनुत्तीर्ण 806 रुपये, अतिरिक्त विषय 206 रुपये बोर्ड के जरिए निर्धारित है। अगर कोई इससे ज्यादा शुल्क वसूला जाता है तो अभिभावक सीधे उनके कार्यालय में शिकायत कर सकते है। उस विद्यालय के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।