- समिति में विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय पुलिस व तहसील के अधिकारी होंगे शामिल
- विद्यालय में चलने वाले वाहनों की होगी निगरानी, फिटनेस सहित सुरक्षा संबंधित अन्य उपाय का रखा जाएगा ख्याल
संतकबीरनगर। जनपद में छात्रों के स्कूलों में आवागमन की सुरक्षा को लेकर विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन होगा। समिति में विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय पुलिस व तहसील के अधिकारी शामिल होंगे। विद्यालय में चलने वाले वाहनों की निगरानी समिति करेगी। इसके साथ ही फिटनेस सहित अन्य सुरक्षा संबंधित उपाय का भी ख्याल रखा जाएगा।
स्कूली छात्रों के सुरक्षित परिवहन को लेकर शासन पूरी तरह से अधिकारियों पर सख्त हो गया है। विभागीय जानकारों के अनुसार विद्यालय प्राधिकारी द्वारा अपनी अध्यक्षता में नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष, बेसिक अथवा माध्यमिक शिक्षा विभाग तथा अभिभावकों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित करते हुए विद्यालय स्तर पर विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर लें। उसकी बैठक अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर व जनवरी में अनिवार्य रूप से कराए जाने का प्रावधान किया गया है।
समिति का दायित्व होगा कि विद्यालय से संबंधित वाहनों के समस्त दस्तावेज पंजीयन प्रमाणपत्र, स्वास्थ्यता प्रमाणपत्र, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण का प्रमाणपत्र आदि का परीक्षण करेंगे। समिति का यह भी दायित्व हाेगा कि स्कूल के प्रत्येक ड्राइवर का पुलिस सत्यापन तथा वर्ष में एक बार चालक का स्वास्थ्य व नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन करेंगे।
विद्यालय अथवा समिति स्तर पर जिला विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति अथवा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेश निर्देश का भी पालन करेंगे।
एआरटीओ प्रियंवदा सिंह ने बताया कि समस्त विद्यालय संचालकों को निर्देशित किया गया है कि सर्वोच्च प्राथमिकता पर स्वयं सक्रिय होकर अपने विद्यालय में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का गठन कर लें। गठित समिति की नियमित बैठक सुनिश्चित करें, जिससे स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन का पर्यवेक्षण हर स्तर से सुनिश्चित किया जा सके। समस्त विद्यालय संचालक यह भी सुनिश्चित करें कि मोटर यान नियमावली के तहत स्कूली वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानक पूर्ण किए गए हैं अथवा नहीं, इसके संबंध में वह अपने स्तर से भी भलीभांति जांच कर ले और यदि कोई दोष अथवा कमी मिल रही है तो उसको तत्काल ठीक कर लें। विद्यालय वाहन के लिए निर्धारित मानक जल्द से जल्द पूर्ण कर लें, जिससे किसी अप्रिय परिस्थिति का सामना न करना पड़े।