सेमरियावां। मनरेगा योजना से कराए गए विकास कार्यों की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में सेमरियावां ब्लाॅक में 51 ग्राम पंचायत में अनियमितता उजागर हुई है। टीम ने 14 लाख रुपये का गबन पाया है। अनियमितता उजागर होने पर हड़कंप मच गया है। दोषी ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और टीए से गबन रकम वसूली जाएगी। इसके लिए बीडीओ ने पत्र जारी किया है।
पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से कराए गए विकास कार्यों के शत प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए सोशल ऑडिट कराई गई। कोआर्डिनेटर, बीआरपी की देखरेख में टीम ने सेमरियावां ब्लाॅक के 113 ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट की। ऑडिट के बाद भारत सरकार की वेबसाइट पर अपलोड की गई। जिसमें सेमरियावां ब्लाॅक के 51 ग्राम पंचायत में 14,03,253 रुपये की वित्तीय अनियमितता पाई गई। इसकी वसूली ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकी सहायक से की जानी है।
बीडीओ ने पत्र जारी कर गबन रकम वसूल कर मनरेगा के नोडल खाता में जमा कराने का निर्देश दिया है। जिसमें सेमरियावां ब्लाॅक ग्राम पंचायत बिगरामीर में 6,02,208 रुपये, करही में 1,58,100 रुपये, मोहम्मद गढ़ में 1,55,500 रुपये, ग्राम पंचायत बन्नी में 1,00,460 रुपये, कम्हरिया में 52,850 रुपये, डिघवा में 22,365 रुपये, कुसमैनी 33,056 रुपये, महुआरी में 31,430 रुपये, कड़जा में 16,080 रुपये, पचपोखरिया 13,034 रुपये, चमरसन में 17,952 रुपये, कानपारा में 19,550 रुपये, सौरहा सिंहोरवा में 14,030 रुपये, इनायतपुर में 33,456 रुपये, तेनुहारी दोयम में 13,220 रुपये आदि गांव समेत कुल 51 ग्राम पंचायत में 71 प्रोजेक्ट कार्य पर कुल मिलाकर 14,03,253 रुपये की वित्तीय अनियमितता उजागर हुई है।