- सेमरियावां ब्लाॅक के सैथवलिया सुटेहरा ग्राम पंचायत का मामला
-बिना काम कराए निकाल लिए थे साढ़े तीन लाख रुपये
- प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक से होगी वसूली
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। विकास खंड सेमरियावां के सैथवलिया सुटेहरा ग्राम पंचायत में बिना काम कराए ही तीन लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए गए। डीएम के निर्देश पर मनरेगा लोकपाल और बीडीओ ने जांच की तो मामला सही मिला। डीएम ने प्रधान, सचिव और तकनीकी सहायक से रकम की वसूली के साथ ही तकनीकी सहायक की सेवा समाप्ति और प्रधान का वित्तीय और प्रशासनिक पॉवर सीज करने के साथ ही सचिव पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
20 जून को सेमरियावां ब्लाॅक के तकनीकी सहायक शिरीश चंद्र मिश्रा ने डीएम को शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि सैथवलिया-सुटेहरा गांव उसे आवंटित था। उसी ग्राम पंचायत सैथवलिया-सुटेहरा में गांव में तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा दो परियोजनाओं (परशु के खेत से अकबाल के चक तक कच्चा नाला खोदाई और बांध गड़ही की खोदाई) पर बिना पर कार्य कराए ही एमबी किए जाने की शिकायत की गई।
प्रकरण की जांच लोकपाल मनरेगा ने की। जांच आख्या में तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा दोनों प्रोजेक्ट पर बिना कार्य कराए ही एमबी की गई है। साथ ही टीए रमेश चंद्र गुप्ता द्वारा की गई एमबी की छायाप्रति उपलब्ध कराई गई है। जिसमें ग्राम पंचायत सैथवलिया-सुटेहरा शिरीश चंद्र मिश्रा को आवंटित था। उसी ग्राम पंचायत में एक परियोजना पर एक लाख 84 हजार 32 रुपये की अनियमितता की गई। जबकि इसी परियोजना पर तकनीकी सहायक शिरीश चंद्र मिश्रा द्वारा कराएं गए कार्य के सापेक्ष 34,719 रुपये की एमबी की गई, जो एक लाख 49 हजार 313 से ज्यादा है। जबकि दूसरी बांध गड़ही खोदाई पर तकनीकी सहायक शिरीश चंद्र मिश्रा द्वारा कोई एमबी नहीं की गई, लेकिन तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा दो लाख 11 हजार 296 रुपये की एमबी की गई।
लोकपाल मनरेगा ने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकी सहायक पर कार्रवाई की संस्तुति की। बीडीओ सेमरियावां ने भी पत्र में तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता के अनाधिकृत रूप से सैथवलिया-सुटेहरा में एमबी की रिपोर्ट की है। डीएम ने लोकपाल मनरेगा व बीडीओ द्वारा कराए गए जांच आख्या के आधार पर जनपद स्तरीय टीम से दोबारा मूल्यांकन कराया गया। जांच टीम ने प्रकरण को संदिग्ध बताया। साथ ही तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा बिना किसी लिखित आदेश के दूसरे तकनीकी सहायक को आवंटित ग्राम पंचायत में बिना कार्य पूर्ण कराए एमबी करना कदाचार बताया।
जांच टीम ने भी ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की। ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा गया। ग्राम प्रधान व तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता ने स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया। जबकि ग्राम सचिव असदुल्लाह ने कोई स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया। ग्राम प्रधान व तकनीकी सहायक का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इस प्रकार 3,60,609 रुपये की फर्जी एमबी कर भुगतान किया गया। संबंधित दोषी सचिव, प्रधान और तकनीकी सहायक से तीन लाख 60 हजार 609 की वसूली बराबर-बराबर किए जाने का आदेश डीएम ने दिया। साथ ही तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता की संविदा सेवा समाप्त किए जाने के निर्देश दिए। डीएम ने डीपीआरओ को ग्राम प्रधान का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज किए जाने की प्रकिया शुरू करने का निर्देश दिया है।
ग्राम पंचायत सैथवलिया सुटेहरा में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। डीपीआरओ को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम